Pakistan Terrorism : पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सुरक्षित आश्रयस्थल !

‘अफगान डाइस्पोरा नेटवर्क’ संगठन के ब्योरे में उल्लेख

काबुल – ‘अफगान डाइस्पोरा नेटवर्क’के ब्योरे से पाकिस्तान आतंकियों के लिए सुरक्षित आश्रयस्थल है, यह बात पुनः एक बार रेखांकित हुई है । पाकिस्तानी सेना हमास एवं मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे कट्टरतावादी इस्लामी संगठनों को उनके देश में कार्यरत रहने के लिए भूमि उपलब्ध करा रही है । इसके साथ ही पाकिस्तानी सेना की ओर से लष्कर-ए-तोयबा (LeT) एवं जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे स्थानीय आतंकी संगठन को भी वैचारिक एवं नीतिगत समर्थन मिल रहा है, ऐसा दावा ‘अफगान डाइस्पोरा नेटवर्क’ के ब्योरे में किया है । (इससे पाकिस्तान का झूठ पुनः एक बार सबके सामने आया है । विश्व समुदाय क्या अब तो पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करेगा ? – संपादक)

दक्षिण एशिया में अस्थिरता के विषय में चेतावनी

पाकिस्तान की इस भूमिका के कारण दक्षिण एशिया में पहले से ही जो अस्थिर स्थिति है, वह और अधिक जटिल हो सकती है । अतः दोनों प्रदेशों में नए सिरे से संघर्ष एवं हिंसा की संभावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं, ऐसा भी इस ब्योरे में कहा गया है ।

पाकिस्तान की आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध के दावों पर प्रश्नचिन्ह !

अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर पाकिस्तान ने भले ही लष्कर-ए-तोयबा एवं जैश-ए-मोहम्मद इन आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का दावा किया हो, तब भी उनके सहयोगी संगठनों एवं प्रकोष्ठ संगठनों के माध्यम से इन गुटों के आज भी सक्रिय होने की बात इस ब्योरे में कही गई है । हाल ही के कुछ समय में पाकिस्तान के राजनीतिक एवं धार्मिक मंचों पर हमास के प्रतिनिधि भी दिखाई दे रहे हैं । उन्हें न केवल प्रचार के लिए व्यासपीठ उपलब्ध किया जा रहा है, अपितु व्यापक जाल बनाने के लिए भी पाकिस्तान से सहायता मिलने के संकेत मिलते हैं । (यह ब्योरा संयुक्त राष्ट्रों के सामने रखकर भारत को पाकिस्तान का झूठ उजागर करना चाहिए तथा पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की मांग करनी चाहिए ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

इस ब्योरे में नया कुछ भी नहीं है । अब तक पूरे विश्व के अनेक संगठनों ने ऐसा कहा है; परंतु स्वयं को महासत्ता कहलवाने वाले अमेरिका एवं चीन जैसे देश पाकिस्तान को किसप्रकार संरक्षण देते हैं, यह पूरे विश्व के लिए मुख्य समस्या है !