गर्भगृह से रेत हटाए जाने के एक वर्ष बाद ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी
भुवनेश्वर (ओडिशा) – यहां के प्राचीन कोणार्क मंदिर के गर्भगृह में भक्त १ वर्ष बाद जा सकेंगे । अभी गर्भगृह में रेत भरी हुई है तथा इसे हटाने का काम चल रहा है । मंदिर के पीछे १५ फुट ऊंची दीवार है । इसे गिरने से बचाने के लिए अंग्रेजों ने वर्ष १९०३ -०४ में मंदिर के गर्भगृह में हजारों टन रेत भर दी थी । तब से गर्भगृह बंद है । अब भारतीय पुरातत्व विभाग तथा ‘आयआयटी मद्रास’ के ३० लोगों की पथक को इस रेत को हटाने का काम सौंपा गया है ।
रेत को पूरी तरह हटाने में ३ महीने लगेंगे । एक वर्ष बाद, भक्त पहली बार इस ऐतिहासिक मंदिर के गर्भगृह में जा सकेंगे ।
हर वर्ष ३५ लाख से अधिक पर्यटक इस मंदिर में आते हैं । यह मंदिर ताजमहल के बाद देश के पुरातत्व स्मारकों में दूसरे नंबर पर है ।

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