पुत्तूरु (कर्नाटक) में ‘एस्.डी.पी.आई’ (SDPI) का विरोध होने पर भी ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ सफलतापूर्वक संपन्न !

(‘एस्.डी.पी.आई’ अर्थात सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी ऑफ इंडिया)

पुत्तूरु (कर्नाटक) – कुंबरा के रामगिरी श्री राम भजना मंदिर में १५ फरवरी को आयोजित ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ प्रतिबंधित जिहादी संगठन पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडियाप्रणित (PFI) राजनीतिक दल ‘एस्.डी.पी.आई’ (SDPI) के तीव्र विरोध के उपरांत भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई । ‘यह सभा संविधान के विरुद्ध है तथा इस सभा के कारण समाज में विद्वेष फैलने की संभावना है’, यह आरोप लगाते हुए इस दल की कुंबरा ब्लॉक समिति ने सभा का तीव्र विरोध दर्शाया था ।

इस समिति के अध्यक्ष रियाज बळक्क के नेतृत्व में उनका प्रतिनिधिमंडल समीप के ग्रामीण पुलिस थाने के अधिकारियों से मिला था तथा उसने पुलिस थाने में शिकायत प्रविष्ट कर इस कार्यक्रम को दी गई अनुमति निरस्त करने की तथा सभा के आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी । इस शिकायत में ऐसा भी कहा गया था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है तथा किसी विशिष्ट धर्म तक सीमित राष्ट्र की संकल्पना का प्रसार करना राष्ट्रविरोधी कृत्य है । (हिन्दुओं पर आघात करने के लिए धर्मांधों को उनकी सुविधा के अनुसार भारत ‘धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र’ होने का स्मरण होता है, इसे ध्यान में लें ! – संपादक )

विरोध के उपरांत भी संपन्न हुई सभा

इतना तीव्र विरोध होकर भी यह सभा निर्धारित समय में संपन्न हुई । इस सभा को संबोधित करते हुए हिन्दू जनजागृति समिति के समन्वयक श्री. विजयकुमार ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र सत्त्वगुणी लोगों के राष्ट्र की संकल्पना है । ऐसी धर्मजागृति सभाओं में व्यवधान उत्पन्न करना कुछ लोगों का नित्य का काम बन चुका है । हम जो कार्य कर रहे हैं, वह भगवान श्रीकृष्ण के आशिर्वाद से चल रहा धर्मरक्षा का कार्य है तथा इस कार्य को ईश्वर का सदैव संरक्षण प्राप्त रहेगा ।

‘‘हिन्दू जनजागृति समिति ने विगत २० वर्षों में पूरे देश में २ सहस्र से भी अधिक सभाएं ली हैं तथा लगभग २० लाख से अधिक लोगों में जागृति उत्पन्न की है । यह सब कार्य कानून की चौखट में रहकर ही किया जा रहा है; उसके कारण ऐसी सभाओं को रोकना संभव नहीं है’’, यह भी श्री. विजयकुमार ने स्पष्ट किया ।

२२ फरवरी की बंटवाळ में होनेवाली सभा का भी विरोध किया जा रहा है !

२२ फरवरी को बंटवाळ के अराळा क्षेत्र में श्री गरुड महाकाली मंदिर के सभागार में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ आयोजित की गई है । ‘एस्.डी.पी.आई’ ने इस सभा का भी विरोध किया है ।

संपादकीय भूमिका 

‘एस्.डी.पी.आई’ एक धर्मांध, कट्टरतावादी एवं देशविघातक राजनीतिक संगठन है तथा ऐसा होते हुए भी उस पर अभी तक प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया ?, यह प्रश्न है !