(और इनकी सुनिए..) ‘कमरे (कक्ष) के ठीक होने के पश्चात टीपू सुल्तान का छायाचित्र लगाएंगे ही !’ – मालेगांव के उपमहापौर शान-ए-हिंद

हिन्दुओं के तीव्र विरोध के पश्चात भी टीपू सुल्तान का छायाचित्र पुनः लगाने का हठ !

उपमहापौर शान-ए-हिंद

मालेगांव (जिला नाशिक) – जिस क्रूरकर्मा टीपू सुल्तान ने सहस्रों हिन्दुओं की हत्या की तथा मंदिरों का विध्वंस किया, उस टीपू के उदात्तीकरण का षड्यंत्र मालेगांव में एक बार पुनः उजागर हुआ है । उपमहापौर शान-ए-हिंद ने ‘उपमहापौर कक्ष की दुरुस्ती पूर्ण होने के पश्चात टीपू सुल्तान का छायाचित्र पुनः लगाएंगे ही’, ऐसा कष्टदायक वक्तव्य यहां के दुर्ग परिसर में आयोजित स्वागत समारोह में दिया । इससे हिन्दु त्वनिष्ठ अत्यंत रुष्ट हुए हैं ।

१. नवनिर्वाचित महापौर नसरीन बानो एवं उपमहापौर शान-ए-हिंद ने पदभार ग्रहण करते ही उपमहापौर के शासकीय कक्ष में हिन्दुद्वेषी टीपू सुल्तान का छायाचित्र लगाया था । यह चलचित्र (वीडियो) सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने के पश्चात शिवसेना एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने आयुक्त के मिलकर छायाचित्र तत्क्षण हटाने की मांग की थी । विधि-व्यवस्था का प्रश्न उत्पन्न न हो, इसलिए नगरसचिव के आदेश के पश्चात वह छायाचित्र हटा दिया गया ।

२. शिवसेना के पार्षदों ने पूर्व में ही चेतावनी दी है कि यदि छायाचित्र पुनः लगाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा ।

शान-ए-हिंद की दादागिरी !

उपमहापौर शान-ए-हिंद ने कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने वाले योद्धा का छायाचित्र लगाने में त्रुटि क्या है ? कक्ष का कार्य पूर्ण होते ही छायाचित्र पुनः लगाया जाएगा । (क्रूर टीपू सुल्तान जैसे आक्रांता को ‘योद्धा’ के रूप में प्रस्थापित करना धर्मांधों की पुरानी कुटिलता ही है ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

  • क्या बांग्लादेश अथवा पाकिस्तान में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम का उच्चारण भी हो सकता है ? भारत में टीपू सुल्तान का उदात्तीकरण होता है, यह हिन्दुओं में क्षात्रभाव की कमी का ही प्रतीक है !
  • भारत में धर्मांध मुसलमान नेता निर्वाचित होने पर क्या घटित होता है, यह घटना इसका उदाहरण है ! भविष्य में यदि ये उपमहापौर ‘टीपू सुल्तान को आदर्श मानें’, इस प्रकार मुसलमानों को कृत्य करने हेतु उकसाये, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए !
  • एक बार हटाया गया छायाचित्र पुनः लगाने की बात कहना, यह प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन एवं विधि (कानून) को दी गई चुनौती ही है !