हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन आक्रामक

नाशिक – मालेगांव महानगरपालिका के उपमहापौर के कक्ष में लगाया गया क्रूरकर्मा टीपू सुल्तान का चित्र अंततः हटा दिया गया । शिवसेना सहित हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन आक्रामक हो गए थे । इसलिए उन्हें चित्र हटाने का निर्णय लेना पडा । वास्तव में शासकीय कार्यालय में किन व्यक्तियों के चित्र होने चाहिए, इसके नियम हैं । इसके उपरांत भी हिन्दुओं की हत्या करनेवाले एवं हिन्दू स्त्रियों पर अत्याचार करनेवाले टीपू सुल्तान का चित्र उपमहापौर शान-ए-हिन्द निहाल अहमद ने लगाया था । इतना ही नहीं, तत्पश्चात जब मीडिया ने उनसे प्रश्न पूछा तो उन्होंने कहा, “हमारी विचारधारा से जो मेल खाता है, उसका चित्र हम लगाएंगे ।” (इसका अर्थ है कि ये उपमहापौर अत्याचारी एवं क्रूर टीपू सुल्तान के विचारों को माननेवाले हैं । ऐसे उपमहापौर चुनकर आएं तो वे समाज के लिए कितने घातक हो सकते हैं, इस पर हिन्दुओं को विचार करना चाहिए ! – संपादक)
The portrait of Tipu Sultan installed in the Deputy Mayor's office at Malegaon (Nashik) Municipal Corporation has finally been removed! 🚩
Hindutva organizations took a firm stand against the move. ✊
This incident serves as a wake-up call. If we don’t stay alert to these… https://t.co/GUXy8lInXr pic.twitter.com/hyUsz6CdGv
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 14, 2026
इस पृष्ठभूमि में हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने अफजल खान वध का चित्र उन्हें भेंट देकर “उसे लगाने के लिए बाध्य करेंगे” ऐसा कहते हुए आक्रामक रूप से विरोध किया । हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन यह चित्र साथ लेकर गए थे ।
(और इनकी सुनिए…) ‘छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष टीपू सुल्तान !’कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सपकाळ के विवादित वक्तव्य ! छत्रपति शिवाजी महाराज के पश्चात अत्यधिक समय बीतने के उपरांत उनके आदर्श को अपनाकर टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया था । उन्होंने किसी भी विभाजनकारी विचार को नहीं अपनाया । वे छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष हैं, ऐसा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सपकाळ ने कहा । |
सपकाळ तुरंत क्षमा मांगें ! – केशव उपाध्ये, प्रवक्ता, भाजपा
टीपू सुल्तान ने समाज पर अत्यधिक अत्याचार किए हैं । छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वराज्य की स्थापना की । केवल अल्पसंख्यकों के वोट के लिए उनकी चापलूसी करना एवं टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष बताकर उनका महिमामंडन करना, यह छत्रपति शिवाजी महाराज का घोर अपमान है ।
संपादकीय भूमिकाहिन्दुओं, किसी महानगरपालिका में जब मुस्लिम जनप्रतिनिधि बहुसंख्यक हो जाते हैं, तो वे कैसा वातावरण बनाते हैं, इसकी झलक पहले ही दिन मिल गई । यदि हिन्दू संभावित संकटों को समय रहते नहीं पहचानेंगे, तो आने वाली पीढियों के सामने आदर्श ही परिवर्तित हो जाएंगे, यह ध्यान रखें ! |
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