NATO : यूरोप अमेरिका के बिना अपनी सुरक्षा नहीं कर सकता ! – ‘नाटो’ के महासचिव मार्क रूट

(‘नाटो’ का अर्थ है ‘नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन’, जो २९ देशों की भागीदारी वाला एक सैन्य संगठन है । इसमें अमेरिका के साथ-साथ पश्चिम यूरोप की बडी आर्थिक शक्ति भी सम्मिलित हैं ।)

‘नाटो’ के महासचिव मार्क रूट

वॉशिंग्टन डीसी ( अमेरिका) – यूरोप अमेरिका के बिना अपनी सुरक्षा नहीं कर सकता । यदि वे सत्य में अकेले ऐसा करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने रक्षा खर्च में १० प्रतिशत की वृद्धि करनी होगी । उन्हें परमाणु क्षमता का निर्माण करना होगा, जिस पर अरबों रुपये खर्च होंगे, ऐसा वक्तव्य नाटो के महासचिव मार्क रूट ने किया । रूट ने कहा कि अभी नाटो के व्यय में यूरोपियन देशों का कुल योगदान केवल ३० प्रतिशत है, जो उनकी ‘ जीडीपी’ (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) का माध्य (औसत) २ प्रतिशत है ।

रूट ने आर्कटिक प्रदेश तथा ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए ट्रम्प की रणनीति का समर्थन किया । उन्होंने कहा कि ट्रम्प बहुत अच्छा काम कर रहे हैं । मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बात से नाराज हैं ।

संपादकीय भूमिका 

यह ध्यान देने वाली बात है कि महासचिव इस भय से ऐसा वक्तव्य दे रहे हैं कि अमेरिका की दादागिरी नाटो के महत्त्व को नष्ट कर देगी !