Croatia Indian Embassy : यूरोप के क्रोएशिया देश में भारतीय दूतावास में खालिस्तानियों द्वारा तोडफोड

  • तिरंगा उतारकर खालिस्तानी झंडा फहराया

  • आतंकवादी पन्नू की गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में आक्रमण करने की धमकी

  • भारत की सदैव की तरह नरम प्रतिक्रिया


जाग्रेब (क्रोएशिया) – यूरोप के क्रोएशिया देश की राजधानी जाग्रेब में खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की प्रतिबंधित खालिस्तानी अलगाववादी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने भारतीय दूतावास में तोडफोड की । भारत का राष्ट्रीय ध्वज उतारकर खालिस्तानी झंडा फहराया गया तथा गणतंत्र दिवस के दिन भारत पर आक्रमण करने की धमकी दी गई । इस समय खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए ।

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कडी निंदा की है । विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह विषय भारत एवं क्रोएशिया—दोनों स्थान पर—क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष कठोरता से उठाया गया है । इस निंदनीय कृत्य के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई है । विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि आतंकवादी समूह कितने संकटकारी हो सकते हैं । इन कृत्यों से दोषियों का असली रूप एवं उनके दुर्भावनापूर्ण मानस उजागर हुआ है । इसलिए विश्व भर की पुलिस एजेंसियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है । यह अपेक्षा की गई है कि क्रोएशिया सरकार दूतावास की सुरक्षा बढाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों ।


इस आक्रमण का दायित्व स्वीकार करते हुए ‘सिख फॉर जस्टिस’ के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी किया । वह भारत का वांछित आतंकवादी है । यह घटना २१ जनवरी २०२६ की देर रात हुई । क्रोएशिया स्थित भारतीय दूतावास में इस प्रकार की यह पहली घटना है । दूतावास की बाउंड्री वॉल पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद, हिन्दुस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारे लिखे गए । दूतावास के बोर्ड पर भी ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ लिखा गया था ।

पन्नू की खुली धमकी

आतंकवादी पन्नू ने २६ जनवरी को दिल्ली को लक्ष्य बनाने की धमकी दी है । उसने दिल्ली के ‘इंडिया गेट’ पर ‘स्नाइपर’ (लंबी दूरी से सटीक निशाना लगाने वाला विशेष रूप से प्रशिक्षित हथियारबंद व्यक्ति) के चिन्ह वाला चित्र भी दिखाया । पन्नू ने वर्ष १९८४ में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का उल्लेख किया । वीडियो में पन्नू ने कहा कि पंजाब को भारतीय नियंत्रण से मुक्त करने के उपरांत भारतीय दूतावास का उपयोग ‘डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ खालिस्तान’ के रूप में किया जाएगा ।

यूरोप में खालिस्तान समर्थकों का बढता प्रभाव

यह तोडफोड दर्शाती है कि ‘सिख फॉर जस्टिस’ एवं खालिस्तानी तत्त्व अधिक देशों में अपना अस्तित्व बढा रहे हैं, क्योंकि इससे पहले क्रोएशिया में खालिस्तान समर्थकों की उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं था । यह घटना ऐसे समय हुई है जब भारत यूरोप के साथ अपने संबंध दृढ कर रहा है । यूरोपीय संघ के साथ शीघ्र ही एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता होने वाला है तथा सुरक्षा व रक्षा साझेदारी भी स्थापित की जाएगी । क्रोएशिया यूरोपीय संघ एवं ‘नाटो’ (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन—२९ देशों का सैन्य गठबंधन) का सदस्य है ।

संपादकीय भूमिका

विदेशों में खालिस्तानियों के बढते उपद्रव को रोकने के लिए भारत को नरम व्यवहार छोडकर कठोर कदम अपनाना चाहिए तथा खालिस्तानियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दबाव बनाना आवश्यक है !