अपकीर्त करने के कारण अखिलेश यादव से मांगी केवल १ रुपया सांत्वनाराशि !

नई देहली – सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने समाजवादी दल के अध्यक्ष अखिलेश यादव के विरुद्ध देहली के पटियाला हाऊस न्यायालय में उन्हें अपकीर्त किए जाने के कारण अभियोग प्रविष्ट किया है । अखिलेश यादव द्वारा सामाजिक माध्यमों पर एक पोस्ट कर अपकीर्त किए जाने के कारण अधिवक्ता जैन ने यह याचिका प्रविष्ट कर अखिलेश यादव से १ रुपया सांत्वनाराशि की मांग की है ।
Defamation Case Filed 📄⚖️
Supreme Court advocate @Vishnu_Jain1 has sued Samajwadi Party (SP) chief Akhilesh Yadav for defamation over posts on X.
Case filed in Delhi’s Patiala House Court, seeking symbolic ₹1 compensation for reputational harm.
PC: @NewsX pic.twitter.com/QMVCTWrkaW
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 19, 2026
इस याचिका में कहा गया है कि कानूनी नोटिस देकर भी अखिलेश यादव ने उनके कृत्य के लिए खेद व्यक्त नहीं किया अथवा क्षमा नहीं मांगी । अतः न्यायालय उन्हें इस प्रकरण में न्याय दे ।
क्या है प्रकरण प्रकरण ?
अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इस याचिका में अखिलेश यादव पर यह आरोप लगाया है कि नवंबर २०२४ में अखिलेश यादव ने सामाजिक माध्यमों में उन पर ३ टिप्पणियां की थी । संभल (उत्तरप्रदेश) की शाही जामा मस्जिद के संदर्भ में दिवानी अपील के प्रकरण में अखिलेश यादव ने अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन को लक्ष्य बनाया था । २४ नवंबर २०२४ को न्यायालयीन आयुक्त के द्वारा शाही जामा मस्जिद के किए जा रहे सर्वेक्षण के समय में जो हिंसा हुई, उसके लिए समाजवादी दल के सामाजिक माध्यमों पर स्थित खातों से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन को इस हिंसा को उत्तरदायी बताया था । वास्तव में उस समय न्यायालय के आदेश के अनुसार अधिवक्ता जैन अपना दायित्व निभा रहे थे । घटनास्थल पर इकट्ठा हुई हिंसक भीड अधिवक्ता जैन पर आक्रमण करने के लिए ही वहां आई थी, ऐसा अधिवक्ता जैन ने अपनी याचिका में कहा है ।
इस याचिका के अनुसार समाजीवादी दल ने यह आरोप लगाया था कि सर्वेक्षण के लिए जाते समय अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन द्वारा ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए जाने के कारण हिंसा हुई; परंतु ‘जय श्रीराम’के नारे लगाने से यह हिंसा हुई’, यह सिद्ध करने के लिए अखिलेश यादव के पास कोई भी प्रमाण नहीं है ।
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