ग्रामपंचायत चुनावों में कुत्तों से छुटकारा दिलाने का दिया गया था आश्वासन !

भाग्यनगर (तेलंगाना) – तेलंगाना में पिछले एक सप्ताह में ५०० से अधिक कुत्तों की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है । ये हत्याएं ग्रामपंचायत चुनावों के पश्चात हुई हैं । पुलिस की जानकारी के अनुसार, इन घटनाओं में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका सामने आ रही है । कुछ दिन पूर्व ही हुए ग्रामपंचायत चुनावों के समय कुछ उम्मीदवारों ने आवारा कुत्तों एवं बंदरों की समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था । कहा जा रहा है कि चुनाव जीतने के उपरांत वे आश्वासन कुत्तों को मारकर पूरे किए जा रहे हैं ।
🚨 500 dogs killed in Telangana villages in just one week 🐕💔
Amidst the Supreme Court hearing on stray dogs…
Candidates promised to “get rid of dogs” during Gram Panchayat elections – showing how severe the stray dog menace has become.
When elections shift from roads &… https://t.co/6qFNdmcT0B pic.twitter.com/DHXeldDYpS
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 14, 2026
सरपंचों पर परिवाद प्रविष्ट
कामारेड्डी जिले के पालवंचा मंडल के भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाडी एवं बंदारामेश्वरपल्ली इन ५ गांवों में पिछले २-३ दिनों में लगभग २०० आवारा कुत्तों को मारे जाने की बात कही जा रही है । इस प्रकरण में पुलिस ने ५ सरपंचों सहित ६ लोगों पर परिवाद पंजीकृत किया है । इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट तथा अरेपल्ली गांवों में ६ जनवरी से ९ जनवरी के बीच लगभग ३०० आवारा कुत्तों की हत्या का प्रकरण सामने आया था । पुलिस ने इस संदर्भ में २ महिला सरपंचों एवं उनके पतियों सहित ९ लोगों के विरुद्ध परिवाद पंजीकृत किया था ।

विषैला इंजेक्शन देकर कुत्तों को मारने का आरोप
The SC’s directive to remove all stray dogs from Delhi-NCR is a step back from decades of humane, science-backed policy.
These voiceless souls are not “problems” to be erased.
Shelters, sterilisation, vaccination & community care can keep streets safe – without cruelty.Blanket…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 12, 2025
सरपंचों पर आरोप है कि उन्होंने कुत्तों को मारने के लिए विषैले इंजेक्शन का उपयोग किया । इसके लिए एक व्यक्ति को काम पर रखा गया था । मारे गए कुत्तों के शव गांव के बाहर दफना दिए गए थे । सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा दलों ने शवों को बाहर निकालकर उनका पोस्टमार्टम (शवविच्छेदन) किया । मृत्यु का सटीक कारण एवं उपयोग किए गए विष के प्रकार का पता लगाने के लिए नमूने एकत्रित कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं ।
संपादकीय भूमिका
|
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न