
ऋषिकेश (उत्तराखंड) – तीर्थनगरी के रूप में पहचाने जाने वाले ऋषिकेश में रजाई और गद्दे बनाने वाले कुछ आरोपियों द्वारा मृत व्यक्तियों की रजाइयों और गद्दों में से कपास निकालकर उसे नए कपास में मिलाकर बिक्री करने का विषय सामने आया है । दांडी राणीपोखरी के निवासी अमित सिंह ने इस निषिद्ध कर्म को करने वालों के विरुद्ध सूचना दी थी । इस सूचना के आधार पर अपराध प्रविष्ट कर पुलिस ने सलमान , हमीद तथा संजय नाम के तीन आरोपियों को पकडा है । इस प्रकरण में पुलिस आगे की जांच कर रही है ।
१. सूचना देने वाले अमित सिंह ने कहा कि ‘ऋषिकेश क्षेत्र में कुछ कट्टर विचारों वाले युवक मृत व्यक्तियों के गद्दे एकत्र कर उनमें से कपास निकाल रहे हैं और उसे नए कपास में मिलाकर बेच रहे हैं । यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है’ । पुलिस ने अपराध लिखकर राणीपोखरी चौराहे की दुकान पर छापा मारा । पूछताछ में यह कृत्य सत्य पाए जाने पर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकडा ।
२. अनेक बार मृत व्यक्तियों के उपयोग की रजाइयां और गद्दे परिवार के लोग त्याग देते हैं । आरोपी युवक ऐसे गद्दे एकत्र कर उन्हें बेच रहे थे ।
३. वर्तमान में उत्तराखंड में तीव्र शीत है । ऋषिकेश में अधिकतम तापमान पंद्रह अंश और न्यूनतम तापमान छह अंश है । इसलिए रजाइयों और गद्दों की बिक्री बडी मात्रा में हो रही है ।
४. मृत व्यक्तियों की रजाइयों और गद्दों के कपास के उपयोग का विषय सामने आने के बाद लोगों में रोष व्यक्त हो रहा है ।
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