Sabarimala Temple Theft : आपने भगवान को भी नहीं छोडी !

  • केरल के शबरीमला मंदिर में सोने की चोरी का प्रकरण

  • ‘देवस्वम् बोर्ड’के पूर्व सदस्य के.पी. शंकर दास को सर्वोच्च न्यायालय ने लगाई फटकार

मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन् पोट्टी

थिरुवनंतपूरम् (केरळ) – केरल के प्रसिद्ध शबरीमला अय्यप्पा मंदिर में हुई सोने की चोरी के प्रकरण में ‘देवस्वम् बोर्ड’ के पूर्व सदस्य के.पी. शंकर दास द्वारा प्रविष्ट की गई याचिका सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज की । इस प्रकरण में न्यायालय ने उन्हें ‘आपने भगवान को भी नहीं छोडा’, इन कठोर शब्दों में न्यायालय ने उन्हें फटकार लगाई । इस प्रकरण केरल उच्च न्यायालय ने के.पी. शंकर दास सर्वाेच्च न्यायालय से व्यक्त निरीक्षणों को हटाने की मांग की थी; परंतु न्यायाधीश दीपांकर दत्ता एवं न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा के खंडपीठ ने यह भी मांग खारिज की ।

शबरीमला मंदिर में स्थित सोने की वस्तुओं पर विद्युत् लेपन के लिए (इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए धातु पर बिजली के प्रवाह की सहायता से दूसरे धातु का स्तर चढाने की प्रक्रिया), साथ ही उनमें सुधार के लिए भेजा गया था, उस समय उसमें समाहित सोने की चोरी किए जाने का संदेह व्यक्त किया गया था । जब यह प्रकरण केरल उच्च न्यायालय में पहुंचा, तब न्यायालय ने इसकी जांच विशेष अन्वेषण दल को (‘स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम’ अर्थात् ‘एस्.आई.टी.) को सौंपी । एस्.आई. टी. ने अपने अन्वेषण में गए अन्वेषण के अनुसार इन वस्तुओं में समाहित सोने की चोरी कर उसे बेचे जाने की संभावना व्यक्त की है । इस प्रकरण में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन् पोट्टी ने स्वयं के लाभ के लिए मंदिर का सोना चुराया, ऐसा आरोप है ।

देवता एवं मंदिर को तो हाथ नहीं लगाना चाहिए था !

याचिका खारिज करते समय सर्वोच्च न्यायालय ने ‘न्यूनतम देवता एवं मंदिर को तो हाथ नहीं लगाना चाहिए था’, ऐसी टिप्पणी कर याचिकाकर्ता को फटकार लगाई । शबरीमला अय्यप्पा मंदिर के सोना चोरी प्रकरण में ‘देवस्वम् बोर्ड’के सदस्य शंकर दास भी उतने ही उत्तरदायी हैं’, ऐसा भी न्यायालय ने कहा ।
आगे जाकर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता को ध्यान में लेकर तथा उच्च न्यायालय ने दास की आयु एवं स्वास्थ्य को ध्यान में लेकर भले ही कुछ छूट दी हो, तब भी अभियोग से किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है । सोने के प्लेट्स की चोरी तथा उनमें बदलाव करने हेतु रचे गए आपराधिक षड्यंत्र से शंकर दास एवं के. विजयकुमार छूट नहीं सकते ।

अन्वेषण दल को दिया अतिरिक्त समय !

केरल उच्च न्यायालय के देवस्वम् खंडपीठ ने शबरीमला सोने चोरी प्रकरण का अन्वेषण पूरा करने के लिए एस्.आई.टी. को अतिरिक्त समय दिया है । अन्वेषण की अंतरिम प्रगति की समीक्षा कर न्यायालय ने यह समयसीमा ६ सप्ताह तक बढाई । अब एस्.आई.टी.१९ जनवरी को अंतरिम जांच ब्योरा प्रस्तुत करनेवाली है ।

आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी का सोनिया गांधी के साथ लिया गया छायाचित्र

मुख्य आरोपी का सोनिया गांधी के साथ छायाचित्र !

इस प्रकरण के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन् पोट्टी एवं गोवर्धन का कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी के साथ खींचा गया छायाचित्र सामने आने से राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है । भाजपा की ओर से इस पर प्रश्न उठाए गए हैं । केरल के पूर्व भाजप प्रदेशाध्यक्ष के. सुरेंद्रन् ने ‘कांग्रेस इस छायाचित्र की सच्चाई लोगों के सामने रखे’, यह मांग की है । ‘शबरीमला मंदिर के सोने की चोरी का प्रकरण कोई सामान्य नहीं है, अपितु उसका सोने की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से भी संबंध हो सकता है’, ऐसा संदेह उन्होंने व्यक्त किया है ।

संपादकीय भूमिका

  • मंदिर सरकारीकरण के अभी और कितने दुष्परिणाम सामने आने पर हिन्दू जागनेवाले हैं ? १०० करोड हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जाप्रद !
  • साम्यवादी कट्टर हिन्दूद्वेषी होने से उनका राज मुघलों का राज है ! ऐसे लोगों को चुनाव में राजनीतिक पटल से मिटाना ही इसका उपाय है !