जादू-टोना अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीकृत करें ! – हिन्दू जनजागृति समिति की मांग

  • वसई के ‘होली फैमिली’ विद्यालय में ईसा के चमत्कारिक नाटक का प्रकरण

  • ​अंधविश्वास फैलाकर धर्मांतरण का षड्यंत्र होने का दावा !

वसई के विद्यालय में ईसा के चमत्कारिक नाटक का प्रकरण मे अपराध पंजीकृत करने की मांग

​मुंबई – पालघर जनपद के वसई पूर्व स्थित ‘होली फैमिली’ कॉन्वेंट विद्यालय के ३१ दिसंबर के दिन आयोजित स्नेह-सम्मेलन में विद्यार्थियों ने ईसा के स्पर्श से अंधे का ठीक होना, लंगडे का चलना आदि असाध्य रोगों को ठीक करने वाले चमत्कारों का नाटकीय प्रदर्शन किया । इस विषय का चलचित्र (वीडियो) सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हुआ है । इसके माध्यम से हिन्दू बालकों के कोमल मन पर झुठे चमत्कार अंकित कर धर्मांतरण का विघटनकारी षड्यंत्र चलाया जा रहा है । शिक्षा विवेक जागृत करने वाली होनी चाहिए ; चमत्कार अथवा अंधविश्वास फैलाने वाली नहीं । प्रशासन तत्काल इस प्रकरण में कार्रवाई करे, ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक सुनील घनवट ने प्रसिद्धि पत्रक के माध्यम से की है । हिन्दू जनजागृति समिति ने इस पर तत्काल कार्रवाई हेतु वसई-विरार पुलिस थाने के उपायुक्त, माणिकपुर पीआई तथा परिमंडल २ के उपायुक्त को प्रत्यक्ष निवेदन दिया है ।

इस संदर्भ में निवेदन की प्रति मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं जिलाधिकारी को भी दी गई है । इस समय निवेदन देते समय समिति के विलास निकम, प्रशांत पाटील, अतुल मेहता, संदीप तुळसकर एवं जामकर उपस्थित थे ।

इस संदर्भ में विद्यालय प्रशासन की जांच की जाए, शिक्षा एवं प्रधानाचार्य का निलंबन किया जाए, अपराध पंजीकृत किया जाए तथा सभी विद्यालयों के लिए मार्गदर्शक निर्देश दिए जाएं, ऐसी मांगें भी इस पत्रक में हिन्दू जनजागृति समिति ने की हैं ।

समिति द्वारा दी गई इस शिकायत में कहा गया है कि, ‘‘https:/youtu.be/0Qp2Q7Yv7ik’‘ इस चलचित्र से प्रकरण की गंभीरता ध्यान में आती है । यह अवैज्ञानिक प्रदर्शन महाराष्ट्र ‘जादू-टोना प्रतिबंध अधिनियम २०१३’ की धारा ३ के अंतर्गत दंडनीय है, जिसमें तथाकथित चमत्कारों का प्रचार सम्मिलित है । विद्यालय में अंधविश्वास फैलाकर बालकों के कोमल मन पर अवैज्ञानिक धारणाएं अंकित की जाती हैं, जिससे मानसिक विकास बाधित होता है तथा शैक्षणिक परिसर में झुठे चमत्कारों के माध्यम से प्रभाव निर्माण करने का प्रयास किया गया है । इससे ईसा के विषय में विद्यार्थियों में मिथ्या प्रतिमा निर्माण कर विद्यार्थियों का धर्मांतरण करने का बडा षड्यंत्र स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है ।