India Pakistan Ceasefire : (और इनकी सुनिए …) ‘भारत-पाक संघर्ष में हमने मध्यस्थता की !’ – चीन का अभिकथन

भारत ने अभिकथन निरस्त किया

बीजिंग (चीन) – ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय पाकिस्तान के साथ चल रहे संघर्ष में मध्यस्थता कर उसे रोकने का अभिकथन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अनेक बार किया था; किन्तु भारत ने उसे सदा निरस्त किया है । अब लगभग ७ मास के उपरांत चीन ने भी इस संघर्ष में मध्यस्थता करने का अभिकथन किया है । भारत ने चीन के इस अभिकथन को भी पूरी तरह असीकार कर दिया है एवं स्पष्ट किया है कि युद्धविराम के निर्णय में किसी भी तीसरे पक्ष का कोई हस्तक्षेप नहीं था ।

ऑपरेशन सिंदूर के उपरांत १० मई को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के मध्य हुई प्रत्यक्ष चर्चा के पश्चात भारत एवं पाकिस्तान के मध्य युद्ध विराम की घोषणा की गई थी, ऐसा भारत की ओर से पुन: पुन: कहा गया है । भारत ने अब भी कहा है कि ऐसे अभिकथनों को हम पहले ही निरस्त कर चुके हैं । भारत एवं पाकिस्तान के मध्य द्विपक्षीय प्रक्रिया में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है । दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के मध्य हुई प्रत्यक्ष बातचीत के उपरांत युद्ध विराम पर सहमति बनी—यह हमारी स्थिति पहले भी कई समय स्पष्ट की जा चुकी है ।

चीन के विदेश मंत्री का अभिकथन

भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम के लिए चीन ने मध्यस्थता की, यह अभिकथन चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने चीन के विदेश संबंधों पर आयोजित एक संगोष्ठी में बोलते हुए किया । उन्होंने कहा कि विश्व में संघर्ष एवं अस्थिरता में बडे परिमाण में वृद्धि हुई है । स्थायी शांति स्थापित करने के लिए हमने एक वस्तुनिष्ठ एवं तर्कसंगत दृष्टिकोण अपनाया है । संघर्षों को सुलझाने के लिए चीन के इस दृष्टिकोण को अपनाते हुए, हमने उत्तरी म्यांमार, ईरान के परमाणु ऊर्जा के विषय में , पाकिस्तान एवं भारत के मध्य तनाव जैसे प्रश्नों का समाधान किया । पाकिस्तान एवं भारत के मध्य तनाव, फिलिस्तीन-इजरायल समस्या तथा कंबोडिया एवं थाईलैंड के मध्य संघर्ष में भी मध्यस्थता की ।

संपादकीय भूमिका 

7 मास के उपरांत अब चीन को इस विषय पर अचानक कैसे जाग आई ? इतने मास तक क्या चीन निद्रिस्त था ? या फिर ट्रम्प की तरह श्रेय लेने का रोग अब चीन को भी लग गया है ?