
चेन्नई (तमिलनाडु) – वर्तमान समय में देश के मंदिरों का प्रबंधन सरकार द्वारा किया जाता है। इस पद्धति को बदलकर मंदिरों का प्रबंधन भक्तों को ही संभालना चाहिए । कुछ मंदिर वैयक्तिक प्रबंधन द्वारा अच्छे प्रकार से चलाए जा रहे है , तो कुछ को सुचारू रूप से नहीं चलाया जाता । उसी प्रकार कुछ मंदिरों का प्रबंधन सरकार द्वारा अच्छे प्रकार से चलता है, तो कुछ का नहीं । वर्तमान में मंदिरों का प्रबंधन चलाने के लिए एक संगठित व्यवस्था की आवश्यकता है । इस समस्या का समाधान करने के लिए एक अखिल भारतीय समिति , प्रांतीय समिति , जिला समिति और स्थानीय समिति होनी चाहिए । एक बार यह व्यवस्था निर्मित हो जाने पर मंदिरों का प्रबंधन सरकार के स्थान पर भक्तों को करना चाहिए या नहीं , इस विषय से संबंधित सभी प्रश्नों का समाधान हो जाएगा , ऐसा विचार प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने यहां एक कार्यक्रम में बोलते समय व्यक्त किया।
Baglamukhi Temple Fund Theft : मध्यप्रदेश के माँ बगलामुखी शक्तिपीठ में दान की चोरी – ३ वर्षों से झूठी (फर्जी) समिति चढ़ावा एकत्र कर रही थी ।
Tuljapur Temple Land Scam : मंदिर की भूमि वापस दिलाने एवं करोडों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए हम अंत तक संघर्ष करेंगे ! – अधिवक्ता (पू.) सुरेश कुलकर्णी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता ने कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष को दिया कानूनी नोटिस ।
‘हिन्दुओं के देवता पत्थर हैं’, ऐसा हिन्दू द्वेषी वक्तव्य देनेवाले पत्रकार हुसैन शेख ने हिन्दुओं से क्षमायाचना की ।
जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसे कठोर दंड मिलना ही चाहिए !
Tuljabhavani Temple : श्री तुलजाभवानी देवी की ४ सहस्र एकड भूमि के घोटाले की सघन जांच करें !