
चेन्नई (तमिलनाडु) – वर्तमान समय में देश के मंदिरों का प्रबंधन सरकार द्वारा किया जाता है। इस पद्धति को बदलकर मंदिरों का प्रबंधन भक्तों को ही संभालना चाहिए । कुछ मंदिर वैयक्तिक प्रबंधन द्वारा अच्छे प्रकार से चलाए जा रहे है , तो कुछ को सुचारू रूप से नहीं चलाया जाता । उसी प्रकार कुछ मंदिरों का प्रबंधन सरकार द्वारा अच्छे प्रकार से चलता है, तो कुछ का नहीं । वर्तमान में मंदिरों का प्रबंधन चलाने के लिए एक संगठित व्यवस्था की आवश्यकता है । इस समस्या का समाधान करने के लिए एक अखिल भारतीय समिति , प्रांतीय समिति , जिला समिति और स्थानीय समिति होनी चाहिए । एक बार यह व्यवस्था निर्मित हो जाने पर मंदिरों का प्रबंधन सरकार के स्थान पर भक्तों को करना चाहिए या नहीं , इस विषय से संबंधित सभी प्रश्नों का समाधान हो जाएगा , ऐसा विचार प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने यहां एक कार्यक्रम में बोलते समय व्यक्त किया।
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हिन्दू धर्म का भी कहीं पंजीकरण नहीं हुआ है ! – RSS Chief Mohan Bhagwat
हिन्दूबहुल तमिलनाडु में हिन्दूजागृति की आवश्यकता !
हमारी स्वतंत्र विदेशनीति नहीं है, परंतु संवाद के मार्ग खुले रखे जाएं ।- RSS Chief Mohan Bhagwat