Shankhnad Mahotsav Delhi : भारत को अन्याय को समाप्त करने के लिए कठोर कानूनों की आवश्यकता है ! – अधिवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय, सर्वाेच्च न्यायालय

अधिवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय

‘न्यायिक परिवर्तन के माध्यम से सुशासन’ विषय पर बोलते हुए, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि यदि भारत को धर्म के आधार पर विभाजित किया गया था (भारत हिन्दुओं के लिए और पाकिस्तान मुसलमानों के लिए), तो क्या इस देश में धर्म के आधार पर अलग-अलग कानून, नियम, आयोग, मंत्रालय, वित्तीय सहायता, छूट, विद्यालय तथा महाविद्यालय आदि होना उचित है (जबकि भारत हिन्दुओं के लिए है) ? बिलकुल नहीं ! यह सब इस देश में कैसे चल रहा है ? देश के सभी न्यायाधीशों से मेरा प्रश्न है कि क्या भारतीय संविधान ऐसे धर्म को मान्यता देता है जो समानता में विश्वास नहीं करता और स्वयं को श्रेष्ठ मानता है ?

उन्होंने आगे कहा कि,

अन्याय को नष्ट करना राज्य का दायित्व है । भौतिक विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ राज्य का नैतिक, आध्यात्मिक और चरित्र विकास का भी दायित्व है । इसके लिए देश में कठोर कानून बनाना आवश्यक है । सिंगापुर में ९०० ग्राम ड्रग्स के साथ पकडे गए व्यक्ति को फांसी दी जाती है, जबकि भारत में ९ किलो ड्रग्स ले जानेवाले व्यक्ति को जमानत मिल जाती है । चीन में भ्रष्ट मंत्रियों को फांसी दी जाती है; लेकिन भारत में भ्रष्ट नेताओं को कोई दंड नहीं मिलता । इसलिए देश में कानून से कोई नहीं डरता । मैं आज सरकार से अपील करता हूं कि वह मेरे द्वारा प्रस्तावित कानून को लागू करे, इससे देश में घुसपैठ का ९० प्रतिशत एक वर्ष में समाप्त हो जाएगा ! यदि ऐसा नहीं हुआ, तो मैं सामाजिक जीवन से संन्यास ले लूंगा !

‘धर्मांतरितों का शुद्धिकरण’ हिन्दू समुदाय का एक आंदोलन होना चाहिए !

अधिवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय

१. आज प्रत्येक ५ लाख महिलाएं लापता हो जाती हैं । इनमें से १.५ लाख महिलाएं वापस लौट आती हैं, जबकि बाकी ३.५ लाख महिलाओं का कभी पता नहीं चलता । वे कहां जाती हैं ? उन्हें ‘लव जिहाद’ के द्वारा धर्म परिवर्तन करा लिया जाता है ।

२. हमने जनहित याचिका प्रविष्ट कर कहा था कि ‘देश भर में ५ करोड घुसपैठिए होंगे’। अब, जब विभिन्न सरकारों ने गणना की, तो हमें पता चला कि यह संख्या ८ करोड से अधिक है । ये वे लोग हैं जो ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’, थूक जिहाद’, ‘आतंकवाद’ आदि करते हैं ।

३. इस प्रश्न को ‘हिन्दू और मुसलमान’ के रूप में नहीं, अपितु ‘हिन्दू और धर्मांतरित हिन्दू’ के रूप में देखा जाना चाहिए ।

४. हिन्दू समाज कहता है, ‘धर्म की जय हो ।’ धर्म की सच्ची विजय के लिए हिन्दू समाज को धर्मांतरित हिन्दुओं के शुद्धिकरण के लिए प्रयास करने चाहिए । देश में दस लाख से अधिक संख्या में स्थित सभी मठ, मंदिर और धार्मिक स्थल शुद्धिकरण केंद्र बनने चाहिए।

५. इसके लिए, आप अपनी बेटी को ‘तीन तलाक’, ‘हलाला प्रथाओं’, बहुविवाह, अपमान, ‘बच्चे पैदा करने वाली मशीन’ आदि से मुक्त जीवन जीने के लिए, शुद्धिकरण करें ! इससे आपकी बेटी को सम्मान मिलेगा । जब धर्मांतरित लोग शुद्ध हो जाएंगे, तो सभी प्रकार के जिहाद स्वतः ही रुक जाएंगे !

उत्साहपूर्ण घोषणाओं की गगनभेदी गूंज ने पूरे सभागृह को हिला दिया ।

क्षणचित्र : इस समय, अधिवक्ता श्री उपाध्याय ने स्वयं अधीनतावादी मानसिकता के विरुद्ध नारा लगाते हुए उपस्थित लोगों को भी इसमें सम्मिलित किया और हॉल को स्तब्ध कर दिया । उन्होंने यह जयघोष लगाया, ‘घरवापसी कराएंगे, हम हिन्दू राष्ट्र का निर्माण करेंगे ।’