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इंद्रप्रस्थ (नई देहली) – भारतीय संस्कृति की रक्षा करने वाले, शास्त्र तथा शस्त्र परंपरा को जागृत करने वाले एवं हिन्दुओं के शौर्य को जागृत करने वाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ हेतु देश की राजधानी दिल्ली सज्जित हो चुकी है । १३ दिसम्बर को प्रातः १० बजे महोत्सव का उद्घाटन होगा ।
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महोत्सव में सहभागी होने हेतु देश-विदेश के मान्यवर, तथा संत-महंतों का दिल्ली में आगमन हो चुका है । देश-विदेश के ८०० से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि इस महोत्सव में सहभागी होंगे । भारत के १९ राज्यों के मान्यवर इस महोत्सव हेतु आ रहे हैं । दिल्ली स्थित भारत मंडपम् का सभागार महोत्सव हेतु सिद्ध (तैयार) हो चुका है । स्वराज्य की शौर्यगाथा बताने वाले डेढ सहस्र से अधिक प्राचीन शस्त्रों की प्रदर्शनी ‘भारत मंडपम्’ के १२ क्रमांक के सभागार में प्रदर्शित की गई है । मुख्य सभागार के अतिरिक्त अन्य सभागारों में समानांतर सत्रों में मान्यवरों के चर्चासत्र होंगे । उद्घाटन समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के १५० वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गीत का सामूहिक गायन किया जाएगा । स्वराज्य की विधि तथा न्याय-दृष्टि, हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश के विषय में छत्रपति शिवाजी महाराज का दृष्टिकोण, हलाल अर्थव्यवस्था एवं धर्मान्ध (धार्मिक कट्टरता), राष्ट्रीय सुरक्षा तथा विधि (कानून) जैसे विषयों पर विचार-मंथन होगा । भारत मंडपम् के भव्य परिसर में महोत्सव की सिद्धता चल रही है तथा इस कारण परिसर के लोगों में उत्सुकता है ।

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