(और इनकी सुनिए …) ‘हिन्दू धर्म में दो बार विवाह करनेवालों के लिए तथा मदिरापान करनेवालों के लिए अलग देवता हैं !’ – CM Revanth Reddy

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिए हिन्दुओं के देवताओं के विषय में आपत्तिजनक वक्तव्य

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

भाग्यनगर (तेलंगाना) – हिन्दू कितने देवताओं पर विश्वास करते हैं ? क्या ३ करोड देवताएं हैं ? तथा इतने देवताएं क्यों हैं ? अविवाहित लोगों के लिए एक देवता हैं हनुमान, दो बार विवाह करनेवालों के लिए भिन्न देवता, मदिरा पीनेवालों के लिए अलग देवता ! यल्लम्मा, मैसम्मा – मदिरा अर्पण करने के लिए एक, मुर्गे की बलि चढाने के लिए एक तथा दाल-चावल अर्पण करने के लिए एक ! प्रत्येक समूह के स्वयं के देवता हैं, ऐसा वक्तव्य तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिया ।

यहां के गांधी भुवन में हुई बैठक में वे ऐसा बोल रहे थे । उनके इस धर्मविरोधी वक्तव्य के लिए भाजपा एवं विश्व हिन्दू परिषद ने उनकी आलोचना की है , साथ ही भाग्यनगर के गोशामहल विधानसभा चुनावक्षेत्र कें प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजा सिंह ने भी कडे शब्दों में आलोचना की है ।

क्या रेवंत रेड्डी ने इस्लाम अपनाया है ? – आमदार टी. राजा सिंह

प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजा सिंह ने नारायणपेट जिले के मख्तल में हुई जनसभा में बोलते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कडी आलोचना की । उन्होंने कहा कि भाजपा के छात्र संगठन से निकले व्यक्ति के द्वारा इसप्रकार के वक्तव्य दिए जाना दुर्भाग्यपूर्ण है । रेवंत रेड्डी ने असदुद्दीन ओवैसी के साथ बंद कमरे में हुई बैठक के उपरांत क्या स्वयं के धर्मांतरण की योजना बनाई है ? क्या वे इस बैठक के उपरांत हिन्दुओं के देवताओं को लक्ष्य बनाने का तथा उन्हें अपकीर्त करने का विचार कर रहे हैं ? क्या रेवंत रेड्डी ने इस्लाम अपनाया है ?, जैसे प्रश्न पूछे । टी. राजा सिंह ने आगे कहा कि तेलंगाना के हिन्दू अब तो मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सच्चा रूप पहचाने । लोगों को इसका भान रखना चाहिए कि उन्होंने हिन्दुओं के देवताओं के अनादर करनेवाले व्यक्ति को सत्ता पर बिठाया है ।

भाजपा एवं विश्व हिन्दू परिषद ने की आलोचना

भाजपा नेता तथा केंद्रीय गृहराज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने कहा कि भाजपा ने हिन्दुओं को पहले ही यह चेतावनी दी थी कि राज्य में यदि कांग्रेस अथवा भारत राष्ट्र समिति सत्ता में आते हैं, तो हिन्दुओं का स्वाभिमान संकट में पड जाएगा, जो मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के इन वक्तव्यों के कारण सत्य सिद्ध हुई है । विश्व हिन्दू परिषद ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से इसके लिए बिना शर्त क्षमा मांगने की मांग की है ।

संपादकीय भूमिका

अन्य धर्म के लिए हिन्दू धर्म का जितना अनादर नहीं करते, उससे अधिक अनादर हिन्दू धर्मी तथा उसमें भी आधुनिकतावादी, कांग्रेसी, समाजवादी दल आदि राजनीतिक दलों के नेता करते हैं ! इसे देखते हुए अब जिसप्रकार पाकिस्तान में ईशनिंदा के लिए जो फांसी के दंड का प्रावधान है, वैसा ही कानून भारत में भी बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है । ऐसा होने से ही ऐसे लोगों पर धाक जमेगी !