अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का स्पष्ट वक्तव्य

वॉशिंगटन (अमेरिका) – अमेरिका के लिए सबसे बडा संकट इस्लामी कट्टरता है । कट्टरपंथी समूह अमेरिका को “पृथ्वी का सबसे दुष्ट देश” मानते हैं । कट्टरपंथी इस्लाम की इच्छा केवल किसी छोटे से क्षेत्र में सत्ता बनाकर बैठने की नहीं, बल्कि विस्तार करने की है । यह विचारधारा स्वभाव से ही क्रांतिकारी है एवं अधिक भूभाग तथा अधिक लोगों पर नियंत्रण करने की प्रवृत्ति रखती है । यह पूरे विश्व के लिए एक तत्कालिक संकट है, ऐसी आशंका अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक साक्षात्कार में व्यक्त की ।
रुबियो ने कहा कि यह चिंताजनक विचारधारा पूरे विश्व के लिए तथा विशेष रूप से अमेरिका तथा पश्चिमी देशों के लिए स्पष्ट व तत्कालिक संकट है । कट्टरपंथी समूह आतंकवाद, हत्या एवं घातक हमलों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, ताकि विभिन्न संस्कृतियों तथा समाजों पर वर्चस्व स्थापित कर सकें । उनका लक्ष्य अमेरिका, यूरोप एवं व्यापक पश्चिमी देश हैं ।
ईसाइयों पर अत्याचार करने वालों पर वीजा प्रतिबंध
रुबियो ने बताया कि अमेरिका उन सभी व्यक्तियों पर वीजा प्रतिबंध लगाएगा, जो जानबूझकर ईसाइयों पर हिंसा करने वालों को मदद पहुंचाते हैं या ऐसे अत्याचारों के लिए धन उपलब्ध कराते हैं । यह नीति नाइजीरिया सहित उन सभी देशों के ऐसे लोगों पर लागू होगी, जहां धार्मिक आधार पर लोगों को सताया जाता है ।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी चेतावनी दी थी कि यदि नाइजीरिया में ईसाइयों को जानबूझकर लक्ष्य बनाया जाता रहा, तो अमेरिका सैन्य कार्यवाही पर विचार कर सकता है ।
संपादकीय भूमिकाजब पाकिस्तान जैसे जिहादी आतंकवादी देश की मानसिकता यही है, तो अमेरिका उसे क्यों सहारा दे रहा है ? इसका उत्तर मार्को रुबियो को देना चाहिए । |
India Slams Bangladesh : अल्पसंख्यकों पर अत्याचार एवं उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ होनेवाला खेल भारत सहन नहीं करेगा !
‘भारत ऐसी चीजों पर कभी पैसा खर्च नहीं करेगा’, यह कहकर Trump ने ही प्रस्ताव निरस्त किया ।
हमें हिन्दू धर्म के प्रति घृणा के विरोध में दृढतापूर्वक खडा होना चाहिए ! – US Congressman Sanford Bishop
Resolution Over Iran War : ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही रोकने वाला प्रस्ताव अमेरिका की संसद के उच्च सदन में पारित
Indus Water Treaty Crisis : सिंधु जल-वितरण करार को लेकर पाकिस्तान ने कश्मीर सीमा पर ३५ ड्रोन-रोधी यूनिट नियुक्त किए !
(और इनकी सुनिए…) ‘मानवाधिकारों का उल्लंघन होने पर भारत की आलोचना करने से पीछे नहीं हटेंगे !’ – US Lawmakers