लासलगांव (नाशिक) स्थित श्री मतोबा महाराज की मूर्ति तथा दानपेटी की चोरी !

चोरों का पता लगने तक नगर बंद !

लासलगांव (जिला नाशिक) – लाखों भक्तों का श्रद्धास्थान तथा नैताळेकरों के आराध्यदेव श्री मतोबा महाराज के मंदिर से ३ किलो भार वाली २ रजत-मूर्तियां एवं दानपेटी को ४ दिसम्बर की रात्रि को १.४९ बजे अज्ञात चोरों ने चुरा लिया । इस घटनाक्रम से ग्रामवासियों ने तीव्र रोष व्यक्त किया । जब तक पुलिस चोरों को खोजकर कठोर दंड नहीं देती, तब तक संपूर्ण नैताळे नगर को स्वयंस्फूर्त रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है । (ऐसा निर्णय क्यों लेना पडता है ? पुलिस प्रशासन द्वारा इस विषय में त्वरित कार्रवाई करना आवश्यक है ! – संपादक) देवस्थान के अध्यक्ष नामदेव बोरगुडे ने स्वयं निफाड पुलिस थाना जाकर चोरी की शिकायत प्रविष्ट की है ।

१. नैताळे (तालुका निफाड) में लाखों भक्तों का श्रद्धास्थल तथा ग्रामवासियों का आराध्यदैवता श्री मतोबा महाराज का मंदिर है । प्रति वर्ष पौष पौर्णिमा के अवसर पर यहां १५ दिन का यात्रोत्सव आयोजित होता है । इस काल में लाखों भक्त श्री मतोबा महाराज के चरणों में नमन करते हैं ।

२. मंदिर में हुई चोरी की घटना ध्यान में आने पर पुजारियों ने देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नामदेव बोरगुडे तथा विश्वस्त मंडल को सूचना दी । यह सूचना प्राप्त होने पर विधायक दिलीप बनकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस के तालुकाध्यक्ष राजेंद्र डोखळे, सागर पाटील कुंदे, तहसीलदार विशाल नाईकवाडे, तलाठी शंकर खंडागळे तथा ग्रामविकास अधिकारी उज्ज्वला भोईर ने घटनास्थल पर पहुंचकर निफाड पुलिस से संवाद साधा एवं ‘श्री मतोबा महाराज की मूर्ति की खोज शीघ्रातिशीघ्र किया जाये तथा भक्तों एवं ग्रामवासियों को आश्वासन दिया जाये’, ऐसी मांग की ।

३. नैताळे नगर से सटे गोविंदराव भवर के गुट संख्या १६३ में स्थित खेत की कुएं में खाली दानपेटी प्राप्त हुई है ।

नैताळेकरों के आराध्यदेव श्री मतोबा महाराज की मूर्ति चोरी प्रकरण से ग्रामवासियों में तीव्र रोष उत्पन्न हुआ, किन्तु ग्रामवासियों ने नगर तथा परिसर में शांति बनाये रखी । सभी व्यावसायिकों ने स्वयंस्फूर्त भाव से १०० प्रतिशत दुकाने बंद रखकर घटना का निषेध किया है ।
– श्री राजेंद्र बोरगुडे, संचालक, लासलगांव कृषि उत्पन्न बाजार समिति

संपादकीय भूमिका 

हिन्दुओं के मंदिरों में बारम्बार होने वाली चोरियों को रोकने हेतु हिन्दू राष्ट्र की स्थापना अनिवार्य !