सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के राष्ट्र एवं धर्म विचारों से प्रेरणा लेकर वर्ष २००२ में ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ स्थापित हुई । समिति ५०० स्थानों पर साप्ताहिक ‘धर्मशिक्षावर्ग’ ले रही है । समिति द्वारा समय-समय पर की गई जागृति एवं आंदोलनों के कारण कुछ राज्यों ने ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून बनाए, महाराष्ट्र के हिन्दू विरोधी ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून’ की २७ में से १५ धाराएं हटाई गईं अथवा उत्तर प्रदेश में ‘हलाल प्रमाणपत्र’ पर प्रतिबंध लगा । केंद्रशासन ने समिति को ‘वक्फ कानून सुधार’ की बैठकों के लिए निमंत्रित किया था । समिति ने २०० ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशनों’ द्वारा १००० हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों का संगठन किया है !’
– श्री. सुनील घनवट, समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
हर घर योद्धा अभियान के अंतर्गत झारखंड में स्वरक्षा प्रशिक्षण शिविर उत्साहवर्धक वातावरण में प्रशस्तिपत्रक वितरण के साथ संपन्न !