सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के राष्ट्र एवं धर्म विचारों से प्रेरणा लेकर वर्ष २००२ में ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ स्थापित हुई । समिति ५०० स्थानों पर साप्ताहिक ‘धर्मशिक्षावर्ग’ ले रही है । समिति द्वारा समय-समय पर की गई जागृति एवं आंदोलनों के कारण कुछ राज्यों ने ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून बनाए, महाराष्ट्र के हिन्दू विरोधी ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून’ की २७ में से १५ धाराएं हटाई गईं अथवा उत्तर प्रदेश में ‘हलाल प्रमाणपत्र’ पर प्रतिबंध लगा । केंद्रशासन ने समिति को ‘वक्फ कानून सुधार’ की बैठकों के लिए निमंत्रित किया था । समिति ने २०० ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशनों’ द्वारा १००० हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों का संगठन किया है !’
– श्री. सुनील घनवट, समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

Temple Land Protection Movement : राजस्वमन्त्री चन्द्रशेखर बावनकुळे की घोषणा : ‘देवस्थान इनाम उन्मूलन प्रारूप अधिनियम २०२६’ को स्थगिती !
Wipro’s Explanation: (और उनकी सुनिए…) ‘विप्रो’ में महिला कर्मचारियों के कल्याण, सम्मान एवं गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है ।
गुणवत्ता एवं अन्नसुरक्षा के विषय में ‘गोकुल’ संघ की ओर से कभी भी समझौता नहीं किया गया है ।
Corporate Jihad : धर्मांतरण अस्वीकार करने के कारण ‘विप्रो’ (Wipro) की हिन्दू महिला कर्मचारी को सेवामुक्त किया !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन