SP MLA Abu Azmi : (और इनकी सुनिए…) ‘मुसलमानों को वंदे मातरम् कहने के लिए विवश करना अनुचित है !’

समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष तथा विधायक अबू आजमी का राष्ट्रद्रोही बयान !

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी

मुंबई : समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक अबू आजमी ने बेतुकी टिप्पणी करते हुए कहा कि, “वंदे मातरम् को अनिवार्य करना उचित नहीं है । ‘वंदे मातरम्’ जैसे विषय लाकर सरकार मुसलमानों को पीडित करने का प्रयास कर रही है । जैसे हिन्दुओं को ‘अल्लाह हू अकबर’ (अल्लाह महान है) कहने के लिए विवश करना अनुचित है, वैसे ही मुसलमानों को ‘वंदे मातरम्’ कहने के लिए विवश करना अनुचित है ।” (हिन्दू धर्म से ईर्ष्या के कारण अबू आजमी ‘वंदे मातरम्’ का विरोध कर रहे हैं । इससे यही पता चलता है कि वे भारत को माता मानने के लिए तैयार नहीं हैं ! – संपादक)

बीजेपी ने इस प्रकरण में अबू आजमी पर देशद्रोह का अभियोग प्रविष्ट करने की मांग की है ।

विधायक अबू आजमी ने कहा :

१. ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करने का निर्णय मुसलमानों पर अन्याय है । (‘वंदे मातरम्’ कहने से देशभक्ति जागृत होती है, इसे ‘अन्याय’ कहना मूर्खता का लक्षण है । – संपादक) प्रत्येक व्यक्ति की अपनी एक श्रद्धा होती है । सबका अपना एक धर्म है । हम सभी को उस श्रद्धा का सम्मान करना चाहिए ।

२. मुस्लिम पंथ में मां का सबसे अधिक सम्मान करने की परंपरा है । मां के पैरों के नीचे जन्नत मानी जाती है; परंतु सिर केवल अल्लाह के आगे ही झुकाया जाता है; क्योंकि अल्लाह एक है । उसने ही यह पृथ्वी, सूर्य तथा बाकी सब कुछ बनाया । इसलिए हम उन्हीं को नमन करते हैं । इसलिए ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य करना उचित नहीं है । (हिन्दू धर्म में ब्रह्मांड के मनुष्यों सहित सभी प्राणियों के कल्याण पर विचार किया जाता है, इसलिए हिन्दू धर्म विश्व में सर्वश्रेष्ठ है । हिन्दू धर्म लाखों वर्षों से अनादि काल से अस्तित्व में है, जबकि इस्लाम पंथ केवल १,४०० वर्ष पहले अस्तित्व में आया है, क्या अबू आजमी यह भूल गए हैं ? – संपादक)

३. ‘वंदे मातरम्’ जैसे सूत्रों को सामने लाना, ‘मुस्लिम लडकियों से विवाह करो, हम पैसे देंगे’ जैसी बातें कहना, ये सब केवल मुसलमानों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है । (‘लव जिहाद’ के माध्यम से धर्मांध मुसलमान हिन्दू लडकियों को फंसाकर उनका जीवन नष्ट कर रहे हैं, ऐसे में अबू आजमी कितनी चालाकी से उलटा एवं अध्ययनहीन बयान दे रहे हैं, यह इससे स्पष्ट होता है ! – संपादक)

४. उन्हें लगता है कि ऐसा करने से बहुसंख्यक समाज उनके साथ आएगा । कोई काम या विकास किए बिना हिन्दू-मुसलमान करके बीजेपी सत्ता में आने का प्रयास कर रही है । (बीजेपी देश में विकास कर रही है, इसलिए २०१४ से अब तक सत्ता में है । इस पर अबू आजमी चुप्पी साध लेंगे ! – संपादक)

५. ये अत्यंत तुच्छ (थर्ड क्लास) लोग हैं । यदि किसी मुसलमान व्यक्ति ने हिन्दू लडकियों से विवाह करने को कहा, तो हाहाकार मच जाएगा; परंतु ये लोग खुलेआम मुस्लिम लडकियों के साथ विवाह करने को कह रहे हैं । (अभी तक जिस हिन्दू लडके ने मुस्लिम लडकी से विवाह किया, उसने कभी भी मुस्लिम लडकी को शारीरिक एवं मानसिक प्रताडना देकर उसकी हत्या नहीं की है; जबकि ‘लव जिहाद’ के माध्यम से हिन्दू लडकियों को फंसाकर धर्मांध मुसलमानों द्वारा उनकी हत्या किए जाने के कई उदाहरण दिए जा सकते हैं । – संपादक)

संपादकीय भूमिका

विधायक अबू आजमी ने इससे पहले भी विधानमंडल में ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘भारत माता की जय’ कहना अस्वीकार किया था । ऐसे देशद्रोही वृत्ति वाले अबू आजमी पर देशद्रोह का अभियोग प्रविष्ट कर उनकी विधायकी निरस्त क्यों नहीं की जाती ?