Satara Doctor Suicide Case : फलटण (सातारा) के उपजिला चिकित्सालय में कार्यरत महिला डॉक्टर ने की आत्महत्या : पुलिस उपनिरीक्षक ने ४ बार किया था बलात्कार

घर मालिक पुलिसकर्मी द्वारा भी ४ महिनों तक पीडिता का शारीरिक-मानसिक उत्पीडन करने का भी है आरोप

सातारा – यहां के उपजिला चिकित्सालय में कार्यरत आधुनिक वैद्य महिला द्वारा २४ अक्टूबर की रात को आत्महत्या करने की घटना सामने आई है । उसने शहर के एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या की । इस प्रकरण में महिला डॉक्टर ने अपने हाथ पर ‘सुसाईड नोट’ लिखकर २ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं । इसमें उसने उसकी मृत्यु को पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदने तथा पुलिसकर्मी प्रशांत बनकर इन दोनों के उत्तरदायी होने का तथा उनके द्वारा उसका शारीरिक एवं मानसिक उत्पीडन करने का आरोप लगाया है । पीडित महिला पिछले कुछ महिनों से स्वास्थ्य विभाग में चल रहे एक विवाद में फंस गई थी । इस प्रकरण में इन दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की जा रही थी । अंततः संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है । पीडिता के भाई ने ‘पुलिस ने शिकायत पंजीकृत करने में ४ से ५ घंटे विलंब लगाया तथा उस समय कि सांसद ने पुलिस से संपर्क किया था’, ऐसा प्रसारमाध्यमों को बताया ।

पीडिता ने उसके ‘सुसाईड नोट’में सुस्पष्टता से यह लिखा है कि मेरी आत्महत्या के लिए पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने उत्तरदायी है तथा उसने ४ बार मेरे साथ बलात्कार किया। घरमालिक पुलिसकर्मी प्रशांत बनकर ने भी पिछले ४ महिनों से मेरा शारीरिक एवं मानसिक उत्पीडन किया ।

संबंधित पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित करने का मुख्यमंत्री का आदेश !

राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है । मुख्यमंत्री ने इन पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है ।

इस प्रकरण में जो भी संलिप्त होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी ! – पंकज भोयर, गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री

इस प्रकरण के विषय में प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री पंकज भोयर ने कहा, ‘‘इस घटना के विषय में सातारा के पुलिस अधीक्षक से बातचीत हुई है तथा दोषियों पर तत्काल अपराध पंजीकृत कर उन पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं । इस घटन में जो भी संलिप्त होंगे, उन पर कार्रवाई होगी ।’’

दोषियों पर कार्रवाई होगी ! – रूपाली चाकणकर, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग

रूपाली चाकणकर

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मियों पर अपराध पंजीकृत किया गया है तथा उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी ।

संपादकीय भूमिका

  • छत्रपति शिवाजी महाराज की धरोहर प्राप्त महाराष्ट्र पुलिस में कार्यरत पुलिसकर्मियों का महिलाओं पर अत्याचार करना लज्जाप्रद एवं निंदनीय !
  • कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाते हैं, तब सामान्य लोग किससे न्याय मांगे ? संबंधित दोषी पुलिसकर्मियों को फांसी का दंड मिला, तभी ऐसी घटनाएं रूकेंगी !