Indian Halal Market : देश के लिए आर्थिक संकट : भारत में ‘हलाल’ खाद्य पदार्थों की मांग में प्रचंड वृद्धि !

बाजार मूल्य १ लाख ७७ सहस्र करोड रुपये पहुंचा !

नई देहली – ‘ग्लोबल मार्केट इन्टेलिजेन्स एंड कन्सल्टंसी’ से सम्बन्धित संस्था रहनेवाले ‘केन रिसर्च’ ने भारत में हलाल खाद्य बाजार पर प्रकाशित किए गए ‘इंडिया हलाल फूड मार्केट आऊटलूक टू २०३०’ इस प्रतिवेदन में बोला है कि, देश में हलाल खाद्य बाजार का मूल्य १९ अब्ज अमेरिकी डॉलर पर अर्थात् १ लाख ७७ सहस्र करोड रुपये पर पहुंच गया है ।

१. केन रिसर्च के प्रतिवेदन के अनुसार मुसलमानों सहित स्वास्थ्य के विषय में जागरूक रहनेवाले गैर मुसलमानों द्वारा भी हलाल खाद्य पदार्थों की मांग बढ रही है । इस कारण भारत में हलाल खाद्य पदार्थों का व्यवसाय निरन्तर विस्तार कर रहा है ।

२. हलाल खाद्य पदार्थों की मांग मुख्य रूप से लक्ष्मणपुरी, मुम्बई एवं भाग्यनगर इन नगरों में सर्वाधिक है । इन नगरों में मुसलमानों की जनसंख्या लक्षणीय है । इन नगरों में हलाल पदार्थों का वितरण अच्छे से किया जाने के कारण यह नगर हलाल-प्रमाणित खाद्य उत्पादों के प्रमुख केन्द्र बन गए हैं ।

३. भारतीय हलाल खाद्य पदार्थों का निर्यात भी बढा है, विशेषतः आखाती सहयोग परिषद एवं आग्नेय एशियाई देशों में यह निर्यात बडे स्तर पर हो रहा है ।

४. भारत के हलाल खाद्य व्यापार में एलानासन्स प्रायवेट लिमिटेड, अल् कबीर ग्रुप, अमारा हलाल फूड्स, बीआरएफ् एस्.ए. एवं नेस्ले एस्.ए. जैसी प्रमुख संस्थाएं सक्रीय हैं । उन की वितरण व्यवस्था, निर्यात क्षमता एवं ‘ब्रांड’ (व्यापारी चिह्न) की पहचान के कारण उन्होंने बाजार में वर्चस्व बनाए रखा है ।

भैंस के मांस के निर्यात में भारत विश्व में १० वें क्रमांक पर

भारत सरकार की वैधानिक संस्था रहनेवाले ‘कृषि एवं प्रक्रिया किए गए अन्न उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण’ के (‘अपेडा’ के) अनुसार भारत भैंस के मांस का विश्व में १० वां सर्वाधिक बडा निर्यातक देश है । ब्राजिल, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटिना एवं कॅनडा हलाल उत्पाद के प्रमुख निर्यातक हैं ।

संपादकीय भूमिका 

  • हिन्दुओं इस में से कितना पैसा जिहादी आतंकवाद, लव जिहाद, धर्मांतरण के लिए पहुंचा होगा ? इस का विचार कीजिए एवं हलाल प्रमाणित पदार्थों से राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा कीजिए ।
  • एक दिन पूर्व ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हलाल उत्पाद न लेने का आह्वान किया था एवं तुरन्त दूसरे दिन माध्यमों में उन के विक्रय में वृद्धि होने के समाचार आना, इस का ही अर्थ इस के पीछे एक बडा षड्यन्त्र कार्यरत है, यह ध्यान में लीजिए ।
  • अब तो केन्द्र सरकार हलाल उत्पादों पर भारत में प्रतिबन्ध लगानेवाली है क्या ? अथवा उस से पूर्व भाजपा शासित राज्यों में, तो वह प्रतिबन्ध लगाया जानेवाला है क्या ? ऐसे प्रश्न राष्ट्रप्रेमी एवं धर्मप्रेमी हिन्दुओं के मन में उपस्थित होते हैं ।