देवताओं के वाहन होने के कारण संबंधित पशु-पक्षियों को कष्ट हो रहा है, ऐसा दिखाकर देवताओं का उपहास !

मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के हिन्दुत्वनिष्ठ श्री रीतम बाग द्वारा कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी देने के उपरांत विडंबन बंद किया गया !

विभिन्न देवताओं की विडंबना (अपमान) करने वाली पोस्ट

कोलकाता (पश्चिम बंगाल) – हिन्दुओं के देवताओं के वाहन होने के कारण उन्हें कष्ट होता है, ऐसी वेदना उनके वाहक पशु-पक्षी व्यक्त कर रहे हैं — इस प्रकार की कुछ पोस्ट इन्स्टाग्राम एवं फेसबुक पर ‘banglar_ghorebaire’ इस खाते से प्रसारित की गयी थीं । इनसे हिन्दुओं के देवताओं का उपहास किया जा रहा था । इस विषय में मुर्शिदाबाद के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ श्री रीतम बाग ने संबंधित खातों को कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी । उसके उपरांत हिन्दुओं के देवताओं का उपहास करनेवाली सभी पोस्टें हटायी गयीं ।

हिन्दुत्वनिष्ठ श्री रीतम बाग

इस प्रकार किया गया था निंदनीय विडंबन

१. हिन्दुओं के देवताओं का अपमान करनेवाली इन पोस्टों में श्री दुर्गादेवी के वाहन सिंह की गर्दन दुख रही है, इसलिये उसने गले में पट्टा लगाया है — ऐसा दिखाया गया ।

गर्दन दुखते हुए दुर्गादेवी के वाहन सिंह को दिखाकर देवी का किया गया विडंबन

२. श्री गणेश के वाहन मूषक ने श्री गणेश को भार वहन करने के कारण उसे कितना कष्ट होता है, इस विषय में वह आपत्ति कर रहा है — ऐसा दिखाया गया ।

पसीने से भीगा हुआ श्री गणेश का वाहन मूषक दिखाकर गणराय का किया गया विडंबन

३. इसी प्रकार श्री कार्तिकेय देव के वाहक मयूर, श्री लक्ष्मीदेवी के वाहक उल्लू, श्री सरस्वतीदेवी के वाहक राजहंस इत्यादि वाहक देवताओं को वहन करने के कारण उन्हें कष्ट होता है, इस प्रकार की शिकायत कर रहे हैं — ऐसा भी इन पोस्टों में दिखाया गया था ।

इन छायाचित्र को पोस्ट करने के पीछे हमारा उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है, बल्कि हिंदू विरोधियों द्वारा किए गए व्यंग्य के प्रति लोगों को जागरूक करना है। – संपादक

ऐसा दिया गया संघर्ष

इस प्रकरण में ‘सनातन प्रभात’ ने श्री रीतम बाग से संपर्क कर चर्चा की । उस समय श्री बाग ने कहा कि, यह प्रकार ध्यान में आने पर मैंने ऐसी पोस्टें भेजनेवालों को ई-मेल करके ‘देवताओं का अपमान करनेवाली पोस्टें प्रसारित न की जायें’ — ऐसा आवाहन किया । प्रारंभ में संबंधितों ने उसकी उपेक्षा की । देवताओं का उपहास करना चालू रखने पर कानूनी कार्रवाई करने की मैंने उन्हें चेतावनी दी । तब संबंधित खातों ने अपमानजनक पोस्टें हटा दीं ।
१७ सितम्बर को ‘banglar_ghorebaire’ इस इन्स्टाग्राम एवं फेसबुक खातों के प्रतिनिधियों ने क्षमायाचना की — ऐसा उन्होंने मुझे बताया । भविष्य में भी ऐसा कदापि न हो — ऐसी स्पष्ट चेतावनी ‘banglar_ghorebaire’ खाते के प्रतिनिधियों को मैंने दी है ।

“बंगाल जैसे प्रतिकूल राज्य में इस प्रकार का कार्य केवल मां काली की कृपा से ही संभव है ! – हिन्दू जनजागृति समिति”

‘सनातन प्रभात’ से बात करते हुए, हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक, श्री शंभू गवारे ने कहा कि रीतम का कार्य इसका उत्तम उदाहरण है कि जब युवाओं के हाथ में रहने वाला भ्रमणभाष धर्म के कार्य में उपयोग होता है, तो उसका क्या परिणाम हो सकता है । उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रति ‘जेन-जी’ युवा राष्ट्र तथा धर्म के कार्यों में ऐसी ही जागरूकता तथा तत्परता दिखाए, तो वे अपनी ऊर्जा एवं क्षमता का खरे अर्थों में उपयोग होते हुए अनुभव कर सकते हैं । बंगाल जैसे प्रतिकूल राज्य में इस प्रकार का कार्य केवल मां काली की कृपा से ही संभव है । समिति की ओर से, हम श्री रीतम को उनके इस कार्य के लिए बधाई देते हैं ! उनकी तत्परता तथा लगन अनुकरणीय है । इसके साथ ही, हम banglar_ghorebaire अकाउंट को भी बधाई तथा धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने हिन्दुओं की भावनाओं को समझते हुए अपने सभी अकाउंट्स से व्यंग्यात्मक पोस्ट हटा दीं !

संपादकीय भूमिका 

  • देवताओं के अपमान के विरोध में कानूनी संघर्ष के लिये तैयार रहनेवाले बंगाल जैसे अत्यंत प्रतिकूल राज्य के रीतम बाग का जितना अभिनंदन किया जाये उतना कम है !
  • आजकल अल्प समय में एवं कम श्रम से प्रसिद्ध होने की समाज में मानो होड सी लग गयी है । उसका सर्वश्रेष्ठ माध्यम है सामाजिक माध्यम ! इसलिये किसी भी प्रकार से कुछ नया करने के नाम पर इस प्रकार हिन्दुओं के देवताओं का अनादर किया जाता है । हिन्दुओं में धर्मशिक्षण के अभाव का ही यह परिणाम है !