तमिलनाडु में गणेशोत्सव पर कोई भी प्रतिबंध न लगाए जाए । – Hindu Makkal Katchi

  • हिन्दू मक्कल कत्छी का तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को निवेदन

  • हिन्दू धर्म का अपमान करने वाले वैरामुथु पर अपराध प्रविष्ट करने की भी मांग की गई ।

(हिन्दू मक्कल कत्छी मतलब हिन्दू जनता पक्ष)

हिंदू मक्कल कच्ची के अध्यक्ष श्री अर्जुन सम्पत

चेन्नई (तमिलनाडु) – तमिलनाडु में विनायक चतुर्थी उत्सव (गणेशोत्सव) किसी भी प्रतिबंध के बिना आध्यात्मिक उत्सव के रूप में आयोजित करने के लिए तमिलनाडु सरकार को पूरा सहयोग करना चाहिए, ऐसी मांग हिन्दू मक्कल कत्छी इस प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन ने एक निवेदन द्वारा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन से की है ।


चेन्नई में हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में बोलते समय तमिल कवि वैरामुथु ने हिन्दुओं के पूज्यनीय भगवान श्रीरामचन्द्र को जानबूझकर अपराधी और पागल जैसे अपशब्द कहे । सीतामाता और रामायण का भी अपमान किया । इससे संपूर्ण तमिलनाडु के श्रीराम भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं । वैरामुथु के विरोध में अपराध लिखा जाए । उन्हें बंदी बनाकर कानून के अनुसार दंड दिया जाए, ऐसी मांग भी हिन्दू मक्कल कत्छी के अध्यक्ष श्री. अर्जुन सम्पत ने सरकार से की है ।

तमिल कवि वैरामुत्तु

तमिलनाडु में हिन्दुओं पर हो रहे अन्याय को उजागर कर न्याय दिलाने हेतु मुख्यमंत्री से की गई अन्य प्रमुख मांगे ।

१. तिरुपरंकुन्द्रम् पर्वत की पवित्रता बनाए रखना चाहिए : इस्लामी कट्टर संगठन बकरे और मुर्गे की बलि देने की आक्रामक मांग के आगे झुककर सत्ताधारी द्रमुक सरकार तिरुपरंकुन्द्रम् पर्वत को सिकंदर पर्वत में बदलने का प्रयास कर रही है । तिरुपरंकुन्द्रम् पर्वत भगवान मुरुगन के स्वामित्व में हैं तथा उनकी पवित्रता बनाए रखना चाहिए ।

२. ईसाई विद्यालय का पक्ष न लिया जाए और अन्याय से बंदी बनाए गए हिन्दुत्वनिष्ठों को छोड़ा जाए : तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले के सरकारी सहायता प्राप्त ईसाई शिक्षण संस्था सावेओ (झेवियर) हाईस्कूल का छात्र मुखिलन विद्यालय परिसर में कुएं में मृत पाया गया । विद्यालय इस प्रकरण को दबाने का प्रयास कर रहा था इसलिए हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन और विपक्षी दलों के नेता जिलाधिकारी के पास न्याय मांगने गए । उस समय पुलिस ने हिन्दू मक्कल कत्छी के राज्य संगठन सचिव श्री. वी.के. सेल्वम, भाजपा और अण्णाद्रमुक दल के प्रतिनिधि तथा पालकों के अधिवक्ता सहित ३० जनो को बंदी बनाकर जेल में डाला । इस प्रकरण की सही जांच की जाए और श्री. सेल्वम सहित बंदी बनाए गए सभी लोगों को छोड़ा जाए ।

३. अमेरिकी उत्पादों पर बहिष्कार लगाया जाए : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत को भारतीय वस्तुओं पर कर लगाने की धमकी दे रहे हैं । इस पृष्ठभूमि पर केंद्र और राज्य सरकार को अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए ।

४. चेन्नई में सडक को दिया गया हिन्दूद्वेषी आर्चबिशप का नाम हटाया जाए : हिन्दुओं से द्वेष रखने वाले एवं उनके साथ हिंसा करने का आवाहन करने वाले दिवंगत आर्चबिशप एज्रा सरकुणम् का नाम सडक को देना अनुचित है । उनके नाम का फलक हटाया जाए ।

५. हिन्दू मक्कल कत्छी के ‘आध्यात्मिक तमिलनाडु की विजय’ इस अभियान को अनुमति दी जाए : हिन्दू जनता दल की ओर से ‘आध्यात्मिक तमिलनाडु की विजय’ इस शीर्षक से सार्वजनिक सभा, पथनाट्य आदि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं । ऐसे प्रत्येक कार्यक्रम के लिए न्यायालय से अनुमति मांगने की स्थिति आ गई है । अतः दल के नीतिगत प्रचार कार्यक्रमों को अनुमति दी जाए और इस संदर्भ में लिखे गए झूठे घटनाक्रम वापस लिए जाएं ।

संपादकीय भूमिका

  • स्वतंत्र भारत में बहुसंख्यक हिन्दुओं को उनके उत्सव बिना प्रतिबंध मनाने के लिए मांग करनी पडती है, तो यह भारत है या बांग्लादेश अथवा पाकिस्तान ? हिन्दुओ के लिए यह स्थिति लज्जाजनक है । 
  • लोकतांत्रिक भारत में बहुसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं को खुलेआम ठेस पहुंचाई जाती है । उसके बाद भी भावनाएं दुखाने वालों पर कोई भी कार्यवाही नहीं होने से हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को उसके लिए मांग करनी पडती है । लोकतंत्र को दुर्बल करने वाले ऐसे कुटिल षड्यंत्रों की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है !