Conversion : शिक्षा ग्रहण करने हेतु गोवा से पंजाब गई कृष्णा बन गई आएशा !

  • धर्मांतरण के षड्यंत्र में हुई सम्मिलित !

  • धर्मांतरण करनेवाले गिरोह के ५ युवक मूलतः हिन्दू !

 

AI द्वारा निर्मित प्रतिकात्मक चित्र

नई दिल्ली – राज्य की युवती एस्.बी. कृष्णा वर्ष २०२० में ‘एम्.एस्.सी. (डाटा साईंस)’ का पाठ्यक्रम सीखने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय चली गईं । वहां कुछ कश्मीरी युवकों से उसका परिचय हुआ । उन्होंने उसका बुद्धिभ्रम किया । उन्होंने इस युवती को नमाज पढने तथा बुर्का पहनने के लाभ बताए । आगे जाकर उसे कश्मीर ले जाया गया । वहां इस्लाम अपनाकर वह आएशा बन गई तथा धर्मांतरण करनेवाले गिरोह में सम्मिलित हुई । इसमें विशेष बात यह कि उसके अभिभावकों को इसकी कोई भी जानकारी नहीं थी । उसके परिवार ने उनकी लडकी के लापता होने के संबंध में दिल्ली में शिकायत की । कालांतर से कृष्णा स्वयं देहली वापस आई; क्योंकि उसे कश्मीर अच्छा नहीं लगता था, ऐसा जांच में सामने आया है ।

१. उस धर्मांतरण करनेवाले गिरोह में उसके सहित ५ लोग पहले हिन्दू थे, यह बात सामने आई । पुलिस ने उन्हें भिन्न-भिन्न राज्यों से बंदी बनाया है।

२. जयपुर से बंदी बनाया गया मोहम्मद अली पहले पियुष पवार था । एक मुसलमान लडकी से प्रेम कर उसने इस्लाम अपनाया । कुछ दिन उपरांत वह लडकी उसे छोडकर चली गई । उसके पश्चात कलीम सिद्दीकी की सहायता से वह प्रतिबंधित संगठन ‘पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ में सम्मिलित हुआ । इस अवधि में वह एस्.बी. कृष्णा उपाख्य आएशा से मिला । वह जब कोलकाता में था, तब उसने उससे पैसे लेकर धर्मांतरण का काम करना आरंभ किया, ऐसी जानकारी पुलिस को मिली है ।

संपादकीय भूमिका

  • हिन्दू युवकों की धर्माभिमानशून्य वृत्ति के कारण ही बडी सहजता से उनका बुद्धिभ्रम किया जाता है तथा आगे जाकर इस्लाम का स्वीकार कर अन्य हिन्दुओं का धर्मांतरण करने तक उनका साहस होता है । यह स्थिति हिन्दुओं के लिए लज्जाप्रद !
  • देशव्यापी धर्मांतरणविरोधी कानून न होने से ऐसी घटनाएं तो होती ही रहेंगी ! आतंकियों की योजना के अनुसार वर्ष २०४७ तक भारत को यदि इस्लामी राष्ट्र बनने नहीं देना हो, तो समस्त हिन्दुओं को अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों तथा विधायकों पर धर्मांतरणविरोधी कानून बनाने के ळिए लोकतांत्रिक पद्धति से दबाव बनाना आवश्यक है !