MLA Nana Patole : राजदंड उठाने का प्रयास करने वाले कांग्रेस नेता नाना पटोले एक दिन के लिए निलंबित

मुख्यमंत्री द्वारा नाना पटोले से क्षमा मांगने की मांग ।

कांग्रेस नेता नाना पटोले

मुंबई, १ जुलाई (वार्ता): महाराष्ट्र विधानसभा में अध्यक्ष के आसन के पास जाकर राजदंड उठाने का प्रयास करने वाले कांग्रेस नेता नाना पटोले को एक दिन के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया । विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा यह कार्रवाई किए जाने के बाद विपक्ष के सभी सदस्यों ने सभात्याग किया ।

१ जुलाई को विधानसभा में तारांकित प्रश्नकाल के बाद नाना पटोले ने आरोप लगाया कि “कृषि मंत्री एवं अन्य मंत्री किसानों के प्रति अपमानजनक वक्तव्य दे रहे हैं । इस पर मुख्यमंत्री को राज्य के किसानों से क्षमा मांगनी चाहिए ।” इसी समय नाना पटोले अध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए और उन्होंने राजदंड उठाने का प्रयास किया ।

इस घटना के समय कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार, असलम शेख, अमीन पटेल आदि भी अध्यक्ष के आसन के समीप पहुँच गए । विपक्षी विधायकों ने नाना पटोले की मांग का समर्थन करते हुए खड़े होकर नारेबाजी की । सत्ता पक्ष के विधायक भी आसन के सामने की खुली जगह में आ गए, जिससे सभा में भाग दौड़ की स्थिति बन गई । स्थिति को नियंत्रित करने के  लिए अध्यक्ष ने कार्रवाई ५ मिनट के लिए स्थगित कर दी ।

कार्रवाई पुनः शुरू होने पर भी विपक्षी दलों ने सरकार के विरूद्ध नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री से किसानों के लिए क्षमा मांगने की माँग दोहराई । इसी समय्य नाना पटोले फिर से अध्यक्ष के आसन के पास पहुँच गए । अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने उन्हें चेतावनी दी कि, “आप स्वयं विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं, इसलिए आपसे ऐसे आचरण की अपेक्षा नहीं थी । कृपया मुझे कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए विवश न करें ।” इसके बाद भी जब नाना पटोले वहाँ से नहीं हटे, तो अध्यक्ष ने उन्हें एक दिन के लिए निलंबित करने का आदेश दिया ।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर कहा, “किसानों के पक्ष में भावनाएं व्यक्त करना अनुचित नहीं है, लेकिन अध्यक्ष के आसन तक जाकर ऐसा आचरण करना अनुचित है। नाना पटोले को इसके लिए क्षमा  मांगनी चाहिए ।”

निलंबन के बावजूद कुछ समय तक नाना पटोले सदन में ही मौजूद रहे । अंततः अध्यक्ष ने उन्हें सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए, जिसके बाद वे बाहर चले गए । इस घटना के विरोध में विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी सरकार के विरुद्ध नारेबाज़ी करते हुए सभात्याग किया ।