भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से नष्ट किए गए आतंकवादियों के ठिकानों की मरम्मत हेतु पाकिस्तान की सेना ₹४० करोड व्यय करेगी

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – भारत ने पहलगाम में हुए आतंकवादी आक्रमण के पश्चात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तोयबा एवं जैश-ए-महंमद इन जिहादी आतंकवादी संगठनों के ९ ठिकाने नष्ट किए थे । अब इन ठिकानों को पुनः स्थापित करने के लिए पाकिस्तान की सेना ने ₹४० करोड की राशि प्रदान की है, यह सूचना सामने आयी है । इससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान स्वयं अपने आतंकवाद का पुनरुज्जीवन कर रहा है ।


१. पाकिस्तान सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए यह सरकारी निधि प्रदान की है । विशेष बात यह है कि यह निधि इन आतंकवादी संगठनों से सीधे संबंधित मदरसों एवं मस्जिदों को भी दी जाएगी ।

२. इन ठिकानों की मरम्मत हेतु ३० जून को अंतिम समय मर्यादा निश्चित की गई है । फील्ड मार्शल मुनीर ने इनकी मरम्मत हेतु एक विशेष दल का गठन किया है । मुनीर स्वयं इस कार्य पर दृष्टि रख रहे हैं ।

३. इन स्थानों पर स्थित मदरसे २० जून से खुलने वाले थे; किन्तु मरम्मत पूर्ण न होने के कारण अब वे १ जुलाई को खोले जाऐंगे ।

संपादकीय भूमिका

  • इससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की सेना ही आतंकवादियों को पोषित कर रही है तथा वे भारत-विरोधी गतिविधियां कर रही हैं ।
  • इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ‘केवल आतंकवादियों के ठिकाने नष्ट करके पाक-प्रायोजित आतंकवाद नहीं रुकेगा, अपितु पाकिस्तान की सेना एवं वहां की जिहादी मानसिकता को नष्ट करना आवश्यक है’ । यह साहस अब भारत को दिखाना ही होगा !