Divorce Petitions : प्रति वर्ष १,३०० सम्बन्ध विच्छेद (तलाक) की याचिकाएं स्वीकृत ।

नागपुर परिवार न्यायालय की घटना !

नागपुर – यहां के परिवार न्यायालय में प्रति वर्ष लगभग १,३०० सम्बन्ध विच्छेद (तलाक) की याचिकाएं स्वीकृत की जा रही हैं । वर्ष २०२१ से २०२४ की अवधि में परिवार न्यायालय ने कुल ५,५६९ सम्बन्ध विच्छेद (तलाक )की याचिकाओं का निपटारा किया । इनमें से ५,४४४ याचिकाएं स्वीकृत की गईं, जिससे संबंधित पति-पत्नी को सम्बब्ध विच्छेद (तलाक) के लिए पात्र माना गया । फरवरी २०२५ तक कुल १,८८१ दम्पत्तियों  ने संबंध समाप्त (तलाक) कर लिए ।

संपादकीय भूमिका 

बढ़ते सम्बन्ध विच्छेद (तलाक) के पीछे मुख्य कारण हैं – पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण, धर्माचरण की कमी, तथा अनैतिकता की चरम सीमा तक पहुंचना। सम्बन्ध विच्छेद (तलाक) पर नियंत्रण पाने के लिए भारतीय संस्कृति के अनुसार आचरण करना ही एकमात्र उपाय है, यह बात सभी दम्पत्तियों को समझनी चाहिए !