नागपुर परिवार न्यायालय की घटना !

नागपुर – यहां के परिवार न्यायालय में प्रति वर्ष लगभग १,३०० सम्बन्ध विच्छेद (तलाक) की याचिकाएं स्वीकृत की जा रही हैं । वर्ष २०२१ से २०२४ की अवधि में परिवार न्यायालय ने कुल ५,५६९ सम्बन्ध विच्छेद (तलाक )की याचिकाओं का निपटारा किया । इनमें से ५,४४४ याचिकाएं स्वीकृत की गईं, जिससे संबंधित पति-पत्नी को सम्बब्ध विच्छेद (तलाक) के लिए पात्र माना गया । फरवरी २०२५ तक कुल १,८८१ दम्पत्तियों ने संबंध समाप्त (तलाक) कर लिए ।
संपादकीय भूमिकाबढ़ते सम्बन्ध विच्छेद (तलाक) के पीछे मुख्य कारण हैं – पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण, धर्माचरण की कमी, तथा अनैतिकता की चरम सीमा तक पहुंचना। सम्बन्ध विच्छेद (तलाक) पर नियंत्रण पाने के लिए भारतीय संस्कृति के अनुसार आचरण करना ही एकमात्र उपाय है, यह बात सभी दम्पत्तियों को समझनी चाहिए ! |
Mahrang Baloch : मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध आवाज उठाने वाले महरंग बलोच को पाकिस्तान ने सुनाया आजीवन कारावास का दंड सुनाया ।
पंढरपुर के श्री विठ्ठल की मूर्तियों के रासायनिक विलेपन पर न्यायालय ने रोक लगाई !
ईरानी गायिका को हिजाब के बिना गीत प्रस्तुत करने पर ७४ कोडों का दंड !
‘टेलीग्राम’ (Telegram) ऐप पर लगी अस्थायी रोक लागू रहेगी – Delhi High Court
यदि बहुसंख्यक हिन्दू मंदिर के समीप गिरजाघर के निर्माण का विरोध किया जा रहा है तो प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए ! – Madras High Court
Satyaki Savarkar : प्रतिवादी की प्रतिपृच्छा में स्वतंत्रता सेनानी सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने सधे हुए उत्तर देकर राहुल गांधी के अधिवक्ताओऺ के कुत्सित मनोरथ उड़ा दिए !