World Hindu population : विश्व में हिन्दुओं की जनसंख्या में १२ प्रतिशत की वृद्धि !

वॉशिंगटन – ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ के अनुसार वर्ष २०१० से २०२० के दशक में विश्वभर में हिन्दुओं की जनसंख्या में १२ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह संख्या अनुमानतः ११० करोड़ से बढ़कर १२० करोड़ तक पहुंची है । अहिन्दू जनसंख्या भी लगभग इसी तरह से बढ़ी है ।

१. वर्ष २०२० तक विश्व के अधिकांश हिन्दू (९९ प्रतिशत) एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में रहते हैं । शेष हिन्दू अधिकतर उत्तर अमेरिका अथवा मध्य पूर्व–उत्तर अफ्रीका क्षेत्र में रहते हैं ।

२. भारत, नेपाल, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में हिन्दुओं की जनसंख्या में थोड़ी कमी देखी गई; लेकिन यह परिवर्तन ५ प्रतिशत की सीमा तक नहीं पहुंचा है ।

३. वर्ष २०१० से २०२० के दशक में मध्य पूर्व–उत्तर अफ्रीका क्षेत्र में हिन्दुओं की संख्या सबसे द्रुतगति से बढ़ी । यहां हिन्दूओं की संख्या ३२ सहस्त्र (६२ प्रतिशत वृद्धि) हो गई । उत्तर अमेरिका में हिन्दुओं की जनसंख्या ३६ सहस्त्र हो गई, अर्थात ५५ प्रतिशत की वृद्धि हुई ।

४. भारत तथा नेपाल को छोड़कर मॉरिशस एकमात्र देश है, जहां हिन्दुओं का सबसे बड़ा समूह है । मॉरिशस में कुल जनसंख्या का ४८ प्रतिशत भाग हिन्दू है ।

५. विश्व के ९५ प्रतिशत (११० करोड़) हिन्दू भारत में रहते हैं । वर्ष २०२० तक भारत (७९ प्रतिशत) और नेपाल (८१ प्रतिशत) यह दो देश हिन्दू बहुल रहे हैं ।

६. ब्रिटेन में ११ सहस्त्र एवं संयुक्त अरब अमीरात में भी ११ सहस्त्र हिन्दू रहते हैं ।

७. ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ के नवीनतम अध्ययन के अनुसार इन क्षेत्रों में हिन्दुओं की जनसंख्या अहिन्दू जनसंख्या की तुलना में अधिक शीघ्रता से बढ़ी है । इसका मुख्य कारण यह है कि हिन्दू अच्छी नौकरियों एवं उच्च कोटि की जीवनशैली की  आकांक्षा में समृद्ध देशों की ओर गए । बहुत से हिन्दू अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात में जा बसे । यूरोप में भी हिन्दुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो २२ सहस्त्र तक पहुंच चुकी है ।

संपादकीय भूमिका 

ऐसा होते हुए भी पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में हिन्दुओं का नरसंहार लगातार हो रहा है । भारत में भी बंगाल और कश्मीर की स्थिति कुछ अलग नहीं है । हिन्दूओं की जनसंख्या वृद्धि से अधिक आवश्यक है कि हिन्दुओं में धर्माभिमान उत्पन्न हो, वह बढ़े और धर्मरक्षण हेतु हिन्दू सक्रिय रूप से कार्य करें ।