Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav : हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए इस देश के पास हिन्दू राष्ट्र के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं है ! – तथागत रॉय, पूर्व राज्यपाल, त्रिपुरा और मेघालय

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव

तथागत रॉय, पूर्व राज्यपाल, त्रिपुरा और मेघालय

श्री. तथागत राय

फोंडा (गोवा) – मुझे अत्यंत आनंद है कि सनातन संस्था हिन्दुओं के कल्याण के लिए इतना उत्कृष्ट कार्य कर रही है । बंगाल और पडोसी बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार अकल्पनीय हैं । दुर्भाग्य से, अन्यत्र हिन्दुओं को लगता है कि बंगाल में हिन्दुओं के विरुद्ध निरंतर कुछ न कुछ अनिष्ट घटित होता रहता है एवं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कुछ प्रमाण में पक्षपाती हैं। वास्तविक वस्तु स्थिति अत्यंत भयंकर है । ऐसा लगता है कि, बांग्लादेश में हिन्दुओं के माथे पर ही हत्या और बलात्कार लिखा हुआ है । इन सभी दृष्टिकोणों से शंखनाद महोत्सव के माध्यम से सनातन राष्ट्र एवं हिन्दू राष्ट्र की मांग की घोषणा करना योग्य दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण पग है । हमें इस दिव्य कार्यक्रम को आगे बढाना है। इसका कारण यह है कि इस देश के पास हिन्दू राष्ट्र के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प है ही नहीं, ऐसा त्रिपुरा एवं मेघालय राज्यों के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने कहा । यहां आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि से वार्ता करते समय उन्होंने उपरोक्त वक्तव्य दिया ।

जब ‘सनातन प्रभात’ के एक प्रतिनिधि ने तथागत रॉय से कहा कि ‘हमें ‘हिन्दु इकोसिस्टम‘ को स्थापित करने के लिए संयुक्त प्रयास करने चाहिए’, तो उन्होंने तुरंत कहा, ‘हमें केवल ‘हिन्दु इकोसिस्टम‘ ही नहीं, अपितु अब हिन्दू राष्ट्र चाहिए ।’ इससे कम कुछ भी वांछित नहीं है।’ उनके वक्तव्य से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के प्रति उनकी अटल निष्ठा एवं आस्था प्रकट हुई ।

 

यदि हम बांग्लादेश के साथ सम्मति करके ‘चिकन नेक’ को चौडा कर दें तो पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है !

(चिकन नेक पूर्वोत्तर भारत के ७ राज्यों को शेष भारत से जोडने वाली भूमि की संकरी पट्टी है)

रॉय ने आगे कहा कि ‘चिकन नेक’ के दोनों ओर स्थित दो देश, बांग्लादेश और नेपाल, अत्यंत अशक्त राष्ट्र हैं, तथापि हमें सतर्क रहना होगा। इसके साथ ही बांग्लादेश से बडे परिमाण में घुसपैठ हो रही है और बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस ओर आंखें मूंदे बैठी हैं । यद्यपि सीमा सुरक्षा बल इसे रोकने के लिए अथक प्रयास कर रहा है, किन्तु बंगाल सरकार घुसपैठियों को सहायता दे रही है । जिस कारण ‘चिकन नेक’ को और चौडा करना अनिवार्य है । इसके लिए बांग्लादेश के साथ सहमति करनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ वर्ष पहले इस संबंध में एक समस्या का समाधान किया था, जिसके अंतर्गत बांग्लादेश के जो कुछ प्रांत भारत में थे, एवं भारत के कुछ प्रांत बांग्लादेश में थे, उन पर सहमति से कार्य किया गया था। इस विषय पर रॉय का कहना था कि ‘चिकन नेक’ को भी इसी प्रकार से सशक्त किया जा सकता है ।