
धनबाद (झारखंड) – महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में जिज्ञासुओं को शिव पूजा का आध्यात्मिक शास्त्र समझाने हेतु धनबाद एवं कतरास में ३ स्थानों पर तथा कोलकाता में ४ स्थानों पर प्रवचन एवं सामूहिक नाम संकीर्तन का आयोजन हुआ ।
इस प्रवचन में बताया गया कि महाशिवरात्रि व्रत के ३ अंग हैं – उपवास, पूजा एवं जागरण ! कलियुग में नामस्मरण की साधना बताई गई है । महाशिवरात्रि को शिवजी का तत्त्व १ सहस्र गुना कार्यरत होता है, उसका हमें अधिकाधिक लाभ हो, इसलिए भगवान शिव का ‘ॐ नम: शिवाय’ जप पूरा दिन करें । महाशिवरात्रि पर कार्यरत शिवतत्त्व का अधिकाधिक लाभ लेने हेतु शिवभक्त शिवलिंग पर अभिषेक करते हैं । अभिषेक करते समय शिवलिंग को ठंडे जल, दूध एवं पंचामृत से स्नान कराते हैं ।
फरीदाबाद (हरियाणा) – श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर २९ में श्रद्धालुओं को शिवलिंग की परिक्रमा करने और बेल पत्र चढाने की शास्त्रसम्मत विधि बताई गई । इसके उपरांत पंक्ति में खडे श्रद्धालुओं से सामूहिक रूप से ‘ॐ नमः शिवाय’ का भावपूर्ण नामजप करवाया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण शिवमय हो गया ।
ग्रंथों की भव्य प्रदर्शनी का आयोजन
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य शिवजी की उपासना सहित विभिन्न विषयों पर श्रद्धालुओं को शास्त्रीय जानकारी देना एवं सनातन संस्कृति, धर्मशास्त्र, बालसंस्कार, आयुर्वेद एवं अध्यात्म संबंधी ग्रंथों सहित राष्ट्र-धर्म, साथ ही अन्य धार्मिक ग्रंथों का प्रचार-प्रसार करना तथा सनातन धर्म एवं संस्कृति के प्रति समाज में जागरूकता लाना था । प्रदर्शनी में सहस्रों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सनातन संस्था के ग्रंथों में रुचि दिखाई एवं उसका आध्यात्मिक लाभ लिया ।
झारखंड
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर झारखंड राज्य के लक्ष्मी नारायण मंदिर, धनबाद; शिव मंदिर न्यू हरि नारायण कॉलोनी, धनबाद; शिव मंदिर चित्रा, देवघर; नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, कतरास; श्री नर्मदेश्वर शिव मन्दिर बिरसा नगर, जमशेदपुर सहित अन्य अनेक शिवालयों में सनातन संस्था द्वारा ग्रंथों की भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया ।
बंगाल
कोलकाता के न्यू टाउन राम मंदिर एवं हावडा में आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर एवं आनंदमयी आश्रम में प्रदर्शनी लगाई गई ।
दिल्ली
सनातन धर्म मंदिर, ग्रेटर कैलाश – २, नई दिल्ली में ग्रंथ प्रदर्शनी लगाई गई ।
लक्ष्मी नारायण मंदिर, मालवीय नगर, नई दिल्ली में भी प्रदर्शनी लगाई गई । प्रदर्शनी देखने आए जिज्ञासुओं को साधना की जानकारी दी गई ।
लक्ष्मी नारायण मंदिर, कालकाजी, नई दिल्ली में ग्रंथ एवं उत्पाद प्रदर्शनी लगाई गई ।
हरियाणा
कृष्ण मन्दिर, १५५४/४, अर्बन एस्टेट, सेक्टर-४, गुरुग्राम यहां ग्रंथ एवं उत्पाद प्रदर्शनी लगाई गई ।
समन्वय मंदिर, सेक्टर २१ D यहां आयोजित ग्रंथ प्रदर्शनी का लाभ लगभग १५० श्रद्धालुओं ने लिया । यहां के प्रधान श्री महेश जी का विशेष सहयोग रहा । उन्होंने सनातन प्रभात के पाठक बनने, ग्रंथ व अन्य उत्पाद लेने और मंदिर परिसर में धूप-दीप जलाने जैसी सेवाएं कीं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन यहां किए जाएं।
शिव शक्ति मंदिर, सेक्टर २८ में ग्रंथ एवं साहित्य प्रदर्शनी में २५० श्रद्धालुओं ने भाग लिया । श्रद्धालुओं और मंदिर कमेटी का सहयोग
इन तीनों स्थलों पर मंदिर कमेटी के सदस्यों ने स्टॉल लगाने के लिए टेबल और कुर्सियां उपलब्ध कराईं और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया ।
नोएडा – यहां के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सेक्टर ५६ में सनातन संस्था की ओर से ग्रंथ और वस्तु प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका लाभ लगभग ५० जिज्ञासुओं ने लिया ।
यहां उत्साहपूर्ण वातावरण था तथा श्रद्धालुओं ने इस प्रदर्शनी का अधिक लाभ लिया । सामूहिक नामजप से मंदिर परिसर में शिवभक्ति की दिव्य ऊर्जा का संचार हुआ ।
मथुरा
श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर तथा गर्तेश्वर महादेव मंदिर में ग्रंथ एवं सात्त्विक उत्पाद की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया ।
प्रदर्शनी पर आए अनेक जिज्ञासुओं ने सनातन संस्था द्वारा आयोजित सत्संग में जुडने हेतु अपनी रुचि दिखाई ।
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