
स्वामी शारदानंद ने कहा, ‘‘महाकुम्भ पर्व में लगाई सनातन संस्था की प्रदर्शनी हिन्दू संस्कृति का जीवनदर्शन है । समाज के धर्म से दूर जाने से किसी को भी सुख, शांति, समृद्धि, संतोष तथा आनंद नहीं मिलता । हिन्दुओं को धर्मशिक्षा न मिलने के कारण समाज दिशाहीन बन गया है । धर्म अत्यंत पवित्र है । समाज को वेदों एवं उपनिषदों का ज्ञान देना आवश्यक है । गुरुकुल शिक्षापद्धति अपनाई गई, तभी धर्माचरणी पीढी तैयार हो सकेगी । मनुष्य को भगवान बनने के लिए सनातन की प्रदर्शनी देखनी चाहिए । सनातन की ग्रंथ-प्रदर्शनी में इसका संपूर्ण ज्ञान उपलब्ध है, यह देखकर मैैं आनंदित हूं । सनातन संस्था का यह कार्य प्रशंसनीय है । भारत के टुकडे होकर दो इस्लामी देश बने; परंतु १०० करोड हिन्दुओं के लिए हिन्दू राष्ट्र नहीं बना, इसका बहुत दुख है । अतः हिन्दुओं की सुरक्षा हेतु हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना ही हमारा लक्ष्य है ।’’
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न