जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’वाला वक्तव्य !

जम्मू – बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे हैं । भारत में भी यदि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं, तो भारत एवं बांग्लादेश में क्या अंतर रहा ? मुझे तो भारत एवं बांग्लादेश में कोई अंतर नहीं दिखता, ऐसा वक्तव्य जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिया । महबूबा मुफ्ती ने संभल (उत्तर प्रदेश) की हिंसा तथा अजमेर की दरगाह के संबंध में प्रविष्ट याचिका का उल्लेख करते हुए यह वक्तव्य दिया । महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि देश में बेरोजगारी चरम को पहुंच गई है । शिक्षा एवं स्वास्थ्य की स्थिति भी विकट है । सडकों की दयनीय स्थिति है, तब भी मंदिर खोजने के लिए मस्जिद गिरानी पडी है । (पाकिस्तान एवं बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति दयनीय होते हुए भी वे वहां के बहुसंख्यक मुसलमान हिन्दुओं के पीछे पडे हैं, इस विषय में महबूबा मुफ्ती को अपना मुंह खोलना चाहिए ! कश्मीर का हो रहा विकास हिन्दुओं के पैसों से हो रहा है, यह भी उन्हें ध्यान में रखना चाहिए ! – संपादक) हिन्दू, मुसलमान तथा सभी धर्माें के लोग ८०० वर्ष पुरानी अजमेर दरगाह आते हैं; परंतु कुछ लोगों ने वहां मंदिर है, इस अपेक्षा से वहां भी खुदाई आरंभ की है ।
‘No difference between Bangladesh and India when it comes to atrocities on minorities’ – J&K former CM Mehbooba Mufti
Has Mehbooba Mufti ever apologised for when Mu$|!m$ forced minority Hindus to flee Jammu and Kashmir 34 years ago?
The reality is that in India, wherever Hindus… pic.twitter.com/QPmaTrtcwh
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) December 2, 2024
संपादकीय भूमिका
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