तालिबान ने सरकार गठन समारोह में भाग लेने के लिए रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कतर एवं तुर्कस्तान को आमंत्रित किया !

इन देशों ने इसके पूर्व ही तालिबान से संपर्क स्थापित किया है । रूस, चीन, पाकिस्तान एवं तुर्कस्तान ने अफगानिस्तान में स्थित अपने दूतावास बंद नहीं किए हैं ।

पाकिस्तान ने ही तालिबान को पाला-पोसा है ! – भारत का आरोप

ऐसा आरोप लगाकर तालिबान और पाकिस्तान पर कुछ परिणाम नहीं होता और होगा भी नहीं ! उसकी अपेक्षा पाकिस्तान को नष्ट करने के लिए भारत ने कुछ प्रयास किए, तो वह उचित रहेगा !

(कहते हैंं) ‘काश्मीर प्रश्न में तालिबान हस्तक्षेप नही करेगा !’ – तालिबान

तालिबान की मानसिकता, उसका इतिहास और पाक के बहकाने वाले  कथनों  पर कौन विश्वास करेगा ? स्वयं के पिता और भाई को जान से मारने की मुगलाई मानसिकता वाले जिहादियों पर विश्वास करने की मूर्खता भारत कभी भी नहीं करेगा !

हमने तालिबान के संरक्षक होकर उसके लिए सभी कुछ किया ! – पाक के मंत्री की स्वीकृति

अभीतक तालिबान जो नकार रहा था, वही पाक के मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से बताने पर तालिबान इस पर क्या उत्तर देगा ? इस समर्थन के कारण अब विश्व समुदाय द्वारा पाक को ‘आतंकवादी देश’ घोषित करना आवश्यक है !

पाकिस्तान में श्रीकृष्ण जयंती मनाने वाले हिन्दुओं पर धर्मांधों की ओर से आक्रमण !

पाक के प्रधानमंत्री अल्पसंख्यकों की रक्षा करने की बडी़ बडी़ बातें करते हैं, साथ ही भारत के अल्पसंख्यकों पर होने वाले कथित अत्याचारों के ऊपर छाती पीटते रहते हैं । उन्हें ऐसी घटनाएं क्यों रोकने नहीं आती ? यह उन्हें बताना चाहिए !

पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगानेवालों को कडा सबक सिखाएं ! – हिन्दू जनजागृति समिति

१५ अगस्त को इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में और १९ अगस्त को उज्जैन में मुर्हरम पर लगे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, यह अत्यंत गंभीर बात है । हिन्दू जनजागृति समिति इसकी कडी आलोचना करती है ।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में धर्मांधों द्वारा एक अवयस्क हिन्दू युवती पर बलात्कार एवं धर्मांतरण  !

ध्यान दें, कि पाकिस्तान में हिन्दुओं के विरुद्ध हो रहे ऐसे अत्याचारों के संबंध में भारत का एक भी धर्मनिरपेक्ष,आधुनिकतावादी एवं सर्वधर्मसमभाव वाला व्यक्ति मुंह नहीं खोलता है !

अमेरिकी सेना की अफगानिस्तान से वापसी और भारत की सुरक्षा !

अमेरिका की अफगानिस्तान से वापसी के उपरांत पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की संभावना होने से भारत की समस्याओं में वृद्धि होना

(कहते हैं) ‘तालिबान को मान्यता न देने पर ९/११ जैसा आक्रमण हो सकता है !’

तालिबान को मान्यता देने पर अथवा ना देने पर आतंकवादी आक्रमण ही होने वाले हैं, यह संपूर्ण विश्व को ज्ञात होने से तालिबान को संपूर्ण नष्ट करना ही इस पर  एक मात्र उपाय है और इसे करना चाहिए !