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ग्रन्थमाला : धार्मिक कृत्योंका अध्यात्मशास्त्रीय आधार
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पारिवारिक धार्मिक व सामाजिक कृत्योंका अध्यात्मशास्त्रीय आधार

- जन्मदिन तिथि के अनुसार क्यों मनाएं ?
- आरती की उचित पद्धति कौनसी है ?
- उद्घाटन नारियल फोडकर क्यों करें ?
- सकर्ण दीप से ही दीपप्रज्वलन क्यों व कैसे करें ?
अन्य ग्रन्थ
१. देवालयमें देवताके प्रत्यक्ष दर्शनसे पूर्वके कृत्योंका अध्यात्मशास्त्र
२. देवालयमें देवताके दर्शन तथा तदुपरान्तके कृत्योंका अध्यात्मशास्त्र
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सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?