
नई देहली – भारतीय मूल के लगभग ७५ वैज्ञानिक अगले ३ वर्षों में भारत आ सकते हैं तथा सरकार की नई छात्रवृत्ति (फेलोशिप) योजना के अंतर्गत विभिन्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं । इस योजना के लिए लगभग ८० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पहले दल हेतु २२ वैज्ञानिकों का चयन हो चुका है और इस साल अप्रैल में उनके संस्थानों में कार्यरत होने की संभावना है ।
75 Indian Diaspora Scientists (mostly from US & Canada) to return to #India under the Govt’s new fellowship scheme ‘Vaibhav’. pic.twitter.com/udvrOMonOo
— News IADN (@NewsIADN) February 16, 2024
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आरंभ की गई वैभव योजना विदेशों में मान्यता प्राप्त संस्थानों में न्यूनतम ४ वर्षों से सक्रिय अनुसंधान में सहभागी भारतीय मूल के सभी वैज्ञानिकों को आईआईटी सहित भारत के किसी भी प्रतिष्ठित संस्थान तथा विश्वविद्यालय के साथ सहयोग करने के लिए आमंत्रित करती है । उन्हें प्रति वर्ष ४ लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। तथापि वे भारत आकर कार्य हेतु कुछ कालावधि के लिए अवकाश ले सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने गृह संस्थान से सहमति पत्र प्राप्त करना होगा ।

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