देहली – देहली के कुविख्यात जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक दीवार पर ‘बाबरी का निर्माण पुनः करेंगे’, ऐसा लिखा दिखाई दिया है । उसके साथ कांग्रेस का छात्र संगठन ‘एन्.एस्.यू.आय.’ का नाम भी लिखा गया है । उसके नीचे ६ दिसंबर लिखा है । इसकी जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय के प्रशासन ने तत्काल दीवार पर लिखी घोषणा मिटाने के लिए दीवार को रंग लगाया ।
१. बाबरी की घोषणा लिखने के उपरांत विश्वविद्यालय के प्रशासन ने सभी दीवारों पर लिखे सभी हस्तलेख तथा भित्तिचित्र हटाने के आदेश दिए । विश्वविद्यालय के संकुल में सतर्कता की चेतावनी दी गई है । ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, इसलिए इनकी जांच करने के लिए एक समिति गठित की गई है । इसी के साथ सभी विभागों को सुरक्षाव्यवस्था बढाने का आदेश दिया गया है ।
२. विश्वविद्यालय के प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी विभागों के प्रमुखों से चर्चा कर उन्हें ‘सीसीटीवी कैमरे’ लगाने के संदर्भ में जांच करने के लिए कहा गया है । जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश भी समिति को दिए गए हैं ।
हमारा इस घोषणा से कोई संबंध नहीं ! – ‘एन्.एस्.यू.आय.’ का स्पष्टीकरण
दूसरी ओर ‘एन्.एस्.यू.आय.’ के जे.एन्.यू. के अध्यक्ष सुधांशू शेखर ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस दीवार पर काली स्याही से हमारे संगठन का नाम पहले से ही लिखा हुआ था । इसके उपर किसी ने लाल स्याही से यह विवादास्पद घोषणा लिखी है । हमारा इससे कोई संबंध नहीं है । संबंधितों पर कठोर कार्यवाही की जाए ।
संपादकीय भूमिका
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