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देहरादून (उत्तराखंड) – उत्तराखंड की भाजपा सरकार द्वारा चुनाव से पूर्व किया गया समान नागरिक संहिता काआश्वासन सत्य होता प्रतीत हो रहा है । मई २०२३ में निर्वाचित होने के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता के कार्यान्वयन पर एक प्रतिवेदनतैयार करने के लिए न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया । अब आगामी माह में प्रतिवेदन सौंपा जाएगा । उसके आधार पर, त्वरित आगामी माह से ही कार्रवाई की जाएगी, मुख्यमंत्री धामी ने एक समाचार वाहिनी को दिए साक्षात्कार में ऐसा कहा। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से जनवरी में विशेष सत्र बुलाने पर भी विचार चल रहा है ।
अनुमानतः ढाई लाख सुझाव प्राप्त हुए !
मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि गोवा राज्य में समान नागरिक संहिता स्वतंत्रता के पूर्व से ही अस्तित्व में है। स्वतंत्र भारत में इसे कार्यान्वित करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य होगा । समान नागरिक संहिता के प्रारूप पर एक विशेषज्ञ समिति ने कार्य किया। संहिता निर्माण करते समय सभी जटिलताओं को ध्यान में रखा गया है । लोगों ने हमें समान नागरिक संहिता के आश्वासन पर ही जनादेश दिया है । समिति ने विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया तथा सभी वर्गों, धर्मों एवं राजनीतिक दलों के युवाओं से चर्चा की । सभी प्रकार के सामाजिक माध्यमों से अनुमानत: ढाई लाख सुझाव प्राप्त हुए । उसी के आधार पर अंतिम प्रारूप सिद्ध हुआ है ।
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