समलैंगिक विवाह को ‘सामान्य विवाह’ के रूप में मान्यता नहीं है !

वैटिकन सिटी – ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने पादरियों को समलैंगिक विवाह करनेवालों को आशीर्वाद देने की अनुमति दी है । इसका उद्देश्य चर्च कोअधिक सर्वसमावेशी बनाना है । पोप फ्रांसिस ने कहा कि विवाह अर्थात एक पुरुष एवं एक स्त्री का आजीवन मिलन ! समलैंगिक जोडी के आशीर्वाद को कैथोलिक उत्सव अथवा धार्मिक आधार शास्त्र से जोडना अनुचित ! पोप ने कहा कि समलैंगिक जोडी यदि आशीर्वाद देने की विनती करे, तो उसे अस्वीकार नहीं किया जा सकता । यदि ऐसा करते हैं, तो विवाह वैध प्रमाणित करने का कोई अर्थ नहीं है । आशीर्वाद देना अपने जीवन को भगवान के लिए खोलना तथा उसे अच्छे जीवन यापन के लिए सहायता करने का आवाहन करना है ।
(सौजन्य : 5NEWS)
प्रसारमाध्यमों की जानकारी के अनुसार वैटिकन सिटी की घोषणा के उपरांत लोग दो गुटों में विभाजित हो गए हैं । कुछ लोगों ने कैथोलिक चर्च में भेदभाव समाप्त करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाने को कहा है । वहीं, समलैंगिक विशेषज्ञों का मानना है कि चर्च समलैंगिक विवाहों को सामान्य विवाहों से कनिष्ठ मानता है ।
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