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मुंबई (महाराष्ट्र) – राज्य के सभी सरकारी विभागों में घूस ली जाती है, ऐसा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्यवाई से ध्यान में आया है । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने १ जनवरी से ८ नवम्बर २०२३ तक राज्य में ४७ सरकारी विभागों के ८९८ भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की है । इसमें पहले श्रेणी के ४८ और दूसरे श्रेणी के १२४ अधिकारियों का समावेश है।
बेलापुर के सुधीर दानी ने जानकारी अधिकार के अधीन दी गई जानकारी से यह स्पष्ट किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के संकेतस्थल पर भी यह आंकड़ा उपलब्ध है । इसमें राजस्व विभाग में सबसे अधिक १८२, तो पुलिस विभाग में १२९ लोगों को घूस लेते हुए पकड़ा गया है । ३५३ सरकारी कर्मचारियों की जांच सरकार द्वारा अनुमति नहीं मिलने के कारण अब तक नहीं हुई है । राज्य के नासिक राजस्व विभाग में सबसे अधिक १४४, उसके बाद पुणे विभाग में १२६ और संभाजीनगर में ११६ भ्रष्टाचार के प्रकरण सामने आए हैं । पीड़ित लोगों ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत करने के कारण यह घटनाएं सामने आई हैं; लेकिन इन पीड़ितों की संख्या कई गुना अधिक हो सकती है । यद्यपि ‘भ्रष्टाचारमुक्त भारत’ की घोषणा की गई है, तो भी सीधे रूप से सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार अब तक घटा नहीं है, इसे आंकड़ों से दिखाई देता है ।
संपादकीय भूमिकाऐसे भ्रष्टाचारियों की सारी सम्पत्ति जब्त कर जब उनकी समाज में ‘छीः थू’ होगी तभी भ्रष्टाचार को कुछ प्रमाण में नियंत्रित किया जा सकेगा ! |
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