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मुंबई (महाराष्ट्र) – सनातन संस्था सात्विक आचारपालन, धर्मशिक्षा और साधना आदि के विषय में मार्गदर्शन करनेवाले अनेक ‘ऐप्स’ बनाकर उनके द्वारा पीछले अनेक वर्षाें से अध्यात्म का प्रसार कर रही है । इसके लिए ये ऐप्स ‘गूगल प्ले स्टोर’ पर नि:शुल्क उपलब्ध थे; परंतु ऐन दिवाली में ८ नवंबर से सनातन संस्था के ५ ऐप्स वहां से हटाए अर्थात ‘सस्पेंड’ किए गए हैं । इस विषय में ‘गूगल’ ने सनातन संस्था को कोई पूर्वसूचना नहीं दी है । कार्यवाही करने के पश्चात गूगल की ओर से ई-मेल द्वारा सूचित किया गया है कि ‘कंटेंट रिलेटेड टू मूवमेंटस् ऑर ऑर्गनायजेशन असोसिएटेड विथ वायोलेंस अगेन्स्ट सिविलियन्स’ (नागरिकों के हिंसाचार में उलझे संगठनों से संबंधित जानकारी) होने के कारण ये ‘ऐप्स’ हटा रहे हैं ।’ ‘सस्पेंड’ किए ऐप्स में से ‘सनातन चैतन्यवाणी’ ऐप के ६५ सहस्र उपभोक्ता हैं । इस ऐप में विविध देवताओं के नामजप, श्लोक, स्तोत्र इत्यादि हैं । ‘श्राद्धविधी’ ऐप में हिन्दू धर्मांतर्गत ‘श्राद्धकर्म’ से संबंधित आध्यात्मिक जानकारी तथा इससे संबंधित शंकासमाधान भी किया गया है । ‘श्री गणेश पूजा और आरती’, इस ऐप में श्री गणेशपूजन से संबंधित विस्तृत जानाकरी दी गई है । इन ऐप्स द्वारा समाज को साधना और धार्मिक कृत्य उचित पद्धति से करने का मार्गदर्शन मिल रहा है । सनातन संस्था ने प्रश्न उपस्थित किया है कि, ‘इन ऐप्स से हिंसाचार को बढावा कैसे मिल सकता है ?’
सनातन संस्था की ओर से सूचित किया गया है कि ‘गूगल’ के इस कार्यवाही का सनातन संस्था निषेध करती है तथा वह इस विषय में कानूनी परामर्श ले रही है । ऐप्स के उपभोक्ताओं के लिए ऐप्स में अंतर्भूत जानकारी सनातन के Sanatan.org जालस्थल पर नि:शुल्क उपलब्ध है । उपभोक्ता इसका अवश्य लाभ लें, ऐसा आवाहन भी संस्था की ओर से किया जा रहा है ।
हटाए गए ऐप्स अब भ्रमणभाष पर भी होंगे उपलब्ध !ये ‘ऐप्स’ ‘गूगल प्ले स्टोर’ पर दिखाई नहीं देते होंगे; परंतु उनपर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है । जिन्होंने ये ऐप्स ‘डाऊनलोड’ किए हैं, उनके भ्रमणभाष में वे चालू रहेंगे; परंतु यह समस्या सुलझी जानेतक उन्हें ‘अपडेट’ नहीं किया जा सकता । सभी इसकी ओर ध्यान दें । ‘गूगल प्ले स्टोर’ से सस्पेंड किए गए ऐप्स के नाम इस प्रकार हैं : १. ‘सनातन संस्था’ ऐप २. ‘सनातन चैतन्यवाणी’ ऐप ३. ‘गणेश पूजा एवं आरती’ ऐप ४. ‘श्राद्धविधी’ ऐप ५. ‘survival guide’ ऐप (आपात्काल में स्वयं की रक्षा करने हेतु क्या करें ?, इसका मार्गदर्शन इस ऐप में किया गया है ।) |
संपादकीय भूमिका
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