कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम का हिन्दूद्वेषी विधान

चेन्नई – उदयनिधि के विधान पर चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के पुत्र कार्ती चिदंबरम ने ‘सनातन धर्म अर्थात और कुछ न होकर जातियों में बंटवारा करने का नियम है । सनातन का गुणगान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति अच्छे दिन आने की प्रतीक्षा कर रहा है।
जाति भारत को मिला हुआ अभिशाप है’, ऐसी प्रतिक्रिया उन्होंने सामाजिक माध्यम पर व्यक्त की । कार्ती चिदंबरम ने आगे कहा, “तमिलनाडु की सामान्य भाषा में ‘सनातन धर्म’ अर्थात जातीय श्रेणीबद्ध समाज । सनातन धर्म का गुणगान करने वाला प्रत्येक व्यक्ति विशेष अधिकार प्राप्त वर्ग से संबंधित होता है ।”
Sanathana Dharma is nothing but code for a Caste Hierarchical Society. All those batting for it are hankering for the Good Ole Days! Caste is the Curse of India
— Karti P Chidambaram (@KartiPC) September 2, 2023
कार्ती ने कश्मीर के हजरतबल दरगाह में किया था नमाज पठन !
सनातन धर्म का ज्ञान देने वाले कार्ती चिदंबरम सितंबर २०२१ में कश्मीर के हजरतबल दरगाह गए थे और वहां उन्होंने नमाज पढी थी । उन्होंने गर्व से उसका छायाचित्र सामाजिक माध्यम पर प्रसारित किया था ।
संपादकीय भूमिका
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