
‘वर्तमान में बहुत गर्मी होने के कारण अनेक लोग रात में पूर्ण गति से पंखा लगाकर सोते हैं । रात में सोते समय ६ से ८ घंटे पंखे की जोरदार हवा शरीर पर आती है । इससे शरीर में रुक्षता (सूखापन) निर्माण होती है । परिणामस्वरूप अनेक लोगों को खांसी शुरू हो जाती है । सवेरे उठने पर कुछ लोगों का शरीर अकड जाता है । कुछ लोगों को सवेरे उठने पर थकान अनुभव होती है । इसलिए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर, वह निरंतर पंखे के कारण हो सकता है, यह ध्यान में रखकर रात में जब आंख खुले, तब पंखे की गति न्यून (कम) करें । संभव हो, तो घूमते हुए ‘टेबल फैन’ का उपयोग करें । यह घूमते रहने से शरीर पर निरंतर हवा नहीं आती । आजकल कुछ पंखों में निर्धारित समय के पश्चात गति न्यून करने की सुविधा उपलब्ध है । इसका हम उपयोग कर सकते हैं ।’
– वैद्य मेघराज माधव पराडकर, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (१४.४.२०२३)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?