
नई देहली – भारत में सामाजिक प्रचार माध्यमों पर कठोर कानूनी निर्बंध हैं । इसलिए, हमारे सूचनाजाल तंत्र को अमेरिका अथवा इतर पाश्चात्त्य देशों में ट्विटर के उपभोक्ताओं को जितनी स्वतंत्रता दी जाती है, उतनी स्वतंत्रता भारतीय ट्विटर के उपभोक्ताओं को नहीं दी जा सकती ।
(सौजन्य : WION)
ट्विटर प्रतिष्ठान कभी-कभी भारत में किसी लेख को संपादित (सेन्सर) करता है, तो किसी को प्रतिबंधित (ब्लॉक) करता है । इसलिए, हम एक देश के नियमों के विरुद्ध नहीं जा सकते । हमारे पास दो ही विकल्प हैं, एक तो हमारे लोगों को कारागार जाना पड़ेगा अथवा नियमों का पालन करना पड़ेगा । हम नियमों का पालन करनेवाला विकल्प ही चुनेंगे, यह विचार ट्विटर मालिक इलॉन मस्क ने व्यक्त किया है । यह विचार उन्होंने ‘बीबीसी’ के साथ एक भेंटवार्ता में व्यक्त किया है ।
“नियम पाळा नाहीतर तुरुंगात जा”, भारतातील सोशल मीडिया सेन्सॉरशिपबद्दल इलॉन मस्क यांचं मोठं विधानhttps://t.co/TLwux1Yzcg
— LoksattaLive (@LoksattaLive) April 12, 2023
इलॉन मस्क पिछले कुछ दिनों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं । ट्विटर प्रतिष्ठान खरीदने के पश्चात उन्होंने अनेक बंद ट्विटर खातों को पुनः चालू किया है; परंतु भारत के सामाजिक प्रचार माध्यमों के संबंध में उन्होंने नियमों का पालन करने की बात की है ।
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