तीर्थस्थल को पर्यटनस्थल बनाने के झारखंड सरकार के निर्णय को केंद्र सरकार ने किया रद्द

रांची (झारखंड) – जैन समाज के पवित्र तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी को पर्यटनस्थल बनाने के झारखंड सरकार के निर्णय को केंद्र सरकार ने हाल ही में रद्द किया । सम्मेद शिखरजी इस तीर्थस्थल का रूपांतर पर्यटनस्थल में करने का निर्णय झारखंड सरकार ने लिया था । इसके विरोध में जैन समाज ने बडा आंदोलन किया था । पारसनाथ पर्वत (सम्मेद शिखरजी ) परिसर के सभी पर्यटन और ‘इको टुरिज्म’ के उपक्रम बंद किए जाने चाहिए, ऐसा केंद्र सरकार की अधिसूचना में कहा गया है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूचना के उपरांत पर्यावरण मंत्रालय ने यह अधिसूचना प्रसारित की ।
Met Jain community members who have been urging to protect the sanctity of Sammed Shikhar.
Assured them that PM Shri @narendramodi ji’s government is committed to preserving and protecting the rights of Jain community over all their religious sites, including Sammed Shikhar. pic.twitter.com/MrxiB616PE
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) January 5, 2023
यह जैन समाज का विजय ! – मुनिश्री १०८ प्रमाण सागरजी महाराज
यह जैन समाज का विजय है, ऐसे शब्दों में मुनिश्री १०८ प्रमाण सागरजी महाराज ने केंद्र सरकार के निर्णय पर आनंद व्यक्त किया ।
४ दिनों में दूसरे जैन मुनि का देहत्याग
सम्मेद शिखरजी को पर्यटनस्थल घोषित किए जाने के विरोध में जैन मुनि समर्थ सागरजी ने उपोषण चालू किया था । ५ जनवरी की रात में उनका निधन हो गया । पिछले ४ दिनों में सम्मेद शिखरजी के लिए देहत्याग करने वाले वे दूसरे संत हैं । जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज ने ३ जनवरी के दिन देहत्याग किया था ।
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