
हिन्दू राष्ट्र में अंग्रेजी भाषा नहीं होगी !
‘हिन्दुओ, हिन्दू राष्ट्र में दासता दर्शानेवाली तथा रज-तम प्रधान अंग्रेजी भाषा भारत में नहीं रहेगी । राज्यों की भाषा प्रशासकीय भाषा होगी । इसलिए यदि आपको ऐसा लगता है कि आगे आपके बच्चे को नौकरी मिले, तो उसे अभी से भारतीय राज्यभाषा में शिक्षा दें ।’
अध्यात्म की अद्वितीयता !
‘किसी भी बात का मूल कारण खोजे बिना डॉक्टर, न्यायाधीश सरकार इत्यादि सभी उस पर केवल सतही उपाय करते हैं । इसके विपरीत, व्यष्टि एवं समष्टि प्रारब्ध, लेन-देन हिसाब, काल इत्यादि मूलभूत कारणों को ध्यान में रखकर उनका उपाय केवल अध्यात्म ही बता सकता है !’
रज-तम प्रधान व्यक्तिगत स्वतंत्रता के समर्थक !
‘रज-तम प्रधान तथा स्वेच्छा को महत्त्व देनेवाले व्यक्तिगत स्वतंत्रता के समर्थक कल यदि ऐसी मांग करें कि ‘भ्रष्टाचार, बलात्कार, हत्या इत्यादि करने की स्वतंत्रता चाहिए’, तो आश्चर्य नहीं !’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?