
मोरबी (गुजरात) – यहां के एक गरबा कार्यक्रम में प्रसिद्ध संगीतकार और गायक हिमेश रेशमिया का सहभाग था । उनके द्वारा यहां ‘अली मौला’ गीत गाने का प्रयास करने पर उसका विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए इसे बंद करने को विवश किया । इसके उपरांत रेशमिया वहां से निकल गए । इन संगठनों ने गरबा के आयोजकों को कडे शब्दों में चेताया कि, ‘इसके आगे धार्मिक भावनाएं दुखाने वाले गीत गाए जाने पर अथवा बजाने पर उसका गंभीर परिणाम भुगतना पडेगा ।’
संपादकीय भूमिका‘हिन्दुओं के धार्मिक त्योहारों के समय कौन से गाने गाने चाहिए ?’, यह ज्ञात न होने वाले हिन्दू गायक रेशमिया का यह काम धर्म शिक्षा का अभाव और आत्मघाती धर्मनिरपेक्षता को दिखाता है ! |
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हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
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Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न