आत्महत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज !

जालंधर (पंजाब) : जालंधर के लवली प्रोफेशनल विद्यापीठ के छात्रावास में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। वह केरल का निवासी है , उसका नाम एजिन एस. दिलीप कुमार है। उसके पास से एक आत्महत्या पत्र भी मिला है। यह घटना २० सितंबर रात्रि की है। इसके उपरांत विद्यापीठ के छात्रों ने आंदोलन किया। पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठियों का प्रयोग भी किया। कुछ छात्र उसमें घायल भी हुए। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। ‘मृत छात्र के प्राणों की रक्षा की जा सकती थी, किन्तु रुग्ण वाहिनी विश्वविद्यालय देर से पहुंची, ऎसा छात्रों ने आरोप लगाया है। इसके साथ ही छात्र यह भी मांग कर रहे थे कि मृतक के कमरे में मिले पत्र को सार्वजनिक किया जाए।
जालंधर की Lovely Professional University में हंगामा: हॉस्टल में स्टूडेंट ने सुसाइड किया; विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज #LovelyProfessionalUniversity https://t.co/4KEOSvv9rF pic.twitter.com/z19Grd8zyv
— Dainik Bhaskar (@DainikBhaskar) September 21, 2022
१. पुलिस छात्र के शव को शवविच्छेदन के लिए चिकित्सालय ले जाना चाहती थी किन्तु छात्रों ने रुग्णवाहिनी का मार्ग अवरुद्ध कर दिया। अनेक प्रयत्नों के उपरांत रुग्णवाहिनी को दूसरे रास्ते से निकाला गया।
२. पुलिस अधिकारी छात्रों से वक्तव्य प्रविष्ट कराने को कह रहे थे। “जो भी दोषी है, हम उसके विरोध में वैधानिक कार्रवाई करेंगे ” पुलिस ने कहा, किन्तु छात्र नहीं माने। छात्र कह रहे थे कि ‘जिनके नाम चिट्ठी में लिखे हैं, जो आत्महत्या के दोषी पाए गए हैं, उन्हें बंदी बनाया जाए’।
३. घटना को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि छात्रावास के कमरे में छात्र का पत्र मिला है। जिसमें लिखा है कि उसने ‘निजी कारणों से आत्महत्या की’। पुलिस और प्रशासन इस पूरे प्रकरण की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
गूगल का ‘जेमिनी’ एआई प्लेटफॉर्म ‘जय श्रीराम’ का उत्तर देता है, तो ‘सिरी’ ऐसा क्यों नहीं कर सकती ? – हिन्दुत्वनिष्ठों का प्रश्न
RBI Polymer Notes : प्लास्टिक के नोट प्रचलन में लाने पर रिजर्व बैंक विचार कर रहा है ।
Punjab Extortion Case : पंजाब पुलिस द्वारा बलपूर्वक वसूली के मामले में पुलिस निरीक्षक को बंदी बनाया
Kerala Court Waqf Board : केरल उच्च न्यायालय द्वारा राज्य वक्फ बोर्ड पर नीतिगत निर्णय लेने पर रोक I
Passive Euthanasia : निष्क्रिय इच्छामृत्यु पर निर्णय लेने के लिए महाराष्ट्र में समितियों का गठन होगा ।
(और इनकी सुनिए…) “हिन्दी तथा उर्दू भारत की भाषाएं हैं, जबकि संस्कृत बाहर से आई है ।” – Congress MP Mohammad Javed