वैद्यकीय विज्ञान बाल्यावस्था में ही होने का प्रतिपादन !

हरिद्वार (उत्तराखंड) – वर्धक मात्रा (बूस्टर डोस) लेने पर भी कोरोना का संसर्ग होता है, तो यह आधुनिक वैद्यकीय विज्ञान की विफलता है, योगऋषि रामदेवबाबा ने यहां ऐसा कहा । वे एक अंतरर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे ।
'डबल वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज लगने के बाद भी कोरोना होना मेडिकल साइंस का फेलियर है' #Medical Science ने 50 साल से पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है' : @yogrishiramdev @Ach_Balkrishna@PypAyurved pic.twitter.com/36giBjplvb
— MSB News (@PBusiness_1) August 4, 2022
उन्होंने आगे कहा कि वैद्यकीय विज्ञान बाल्यावस्था में है । वर्धक मात्रा लेने पर भी लोगों को कोरोना हो रहा है । इसलिए लोगों को नैसर्गिक जीवनपद्धति अपनानी होगी । परिवर्तित काल के अनुसार पूरे विश्व में लोग पुन: आयुर्वेद की ओर मुडेंगे । यदि गुळवेल पर संशोधन कर औषधियां बनाई गईं, तो भारत विश्व में सबसे बडी आर्थिक शक्ति बन सकता है ।
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